गंगोत्री नेशनल पार्क में लावारिस कुत्तों की संख्या बढ़ रही है, जो स्नो लेपर्ड के भोजन के लिए खतरा बन रहे हैं। ये कुत्ते झुंड में आकर भरल, घुरड़ और लाल लोमड़ी जैसे जानवरों का शिकार कर रहे हैं, जो स्नो लेपर्ड के मुख्य भोजन हैं। इससे स्नो लेपर्ड के लिए भोजन की कमी हो रही है।
भारतीय वन्यजीव संस्थान ने भी इस समस्या पर चिंता जताई है और इसका समाधान निकालने के लिए कहा है। इन कुत्तों को बंध्याकरण (नसबंदी) करने का फैसला लिया गया है ताकि इनकी संख्या को नियंत्रित किया जा सके।
ये कुत्ते भेड़-बकरी पालकों के साथ पार्क के अंदर चले जाते हैं और वापसी में सेना, आईटीबीपी और बीआरओ कैंपों के आसपास भोजन की तलाश में रुक जाते हैं। धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ने लगी है, जिससे ये झुंड में आकर छोटे जंगली जानवरों का शिकार करने लगे हैं।
गंगोत्री नेशनल पार्क स्नो लेपर्ड का घर माना जाता है और यहां ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भरल और काकड़ जैसे जानवर उसकी मुख्य भोजन शृंखला का हिस्सा हैं। मगर कुत्तों के कारण स्नो लेपर्ड को भोजन मिलना मुश्किल हो रहा है। इसलिए प्रशासन ने कुत्तों का बंध्याकरण करने का निर्णय लिया है ताकि इस समस्या को रोका जा सके और स्नो लेपर्ड की सुरक्षा की जा
सके।