उत्तरकाशी से गुजरने वाले गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण का लोगों को लंबे समय से इंतजार था, लेकिन अब इसका काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है। बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के अधिकारियों के अनुसार, इस हाईवे के संकरे मोड़ों को चौड़ा करने का कार्य फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में शुरू हो सकता है। इससे चारधाम यात्रा के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और सफर आसान हो जाएगा।
गंगोत्री हाईवे उत्तरकाशी जिले में सामरिक और धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चारधाम सड़क परियोजना के तहत इसे पांच चरणों में चौड़ा किया जाना है। यह सड़क उत्तरकाशी के चुंगी बड़ेथी ओपन टनल से लेकर गंगोत्री धाम के पास भैरोंघाटी तक फैली हुई है। लेकिन अब तक इस परियोजना के किसी भी चरण में काम शुरू नहीं हो पाया था।
अब इस परियोजना के पांचवें और अंतिम चरण में चुंगी बड़ेथी से तेखला तक चौड़ीकरण का कार्य शुरू होने जा रहा है। बीआरओ कमांडर विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि निर्माण कंपनी का चयन पहले ही हो चुका है। वन विभाग की मंजूरी के लिए जरूरी दस्तावेज नोडल अधिकारी तक पहुंच चुके हैं और इस पर जल्द ही बैठक होने वाली है। इसके अलावा, भूमि अधिग्रहण का संशोधित प्रस्ताव भी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया गया है। इन दोनों को स्वीकृति मिलते ही सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हो जाएगा।
यात्रा सीजन से पहले जरूरी कटिंग का काम होगा
बीआरओ का कहना है कि यात्रा सीजन से पहले जहां-जहां सड़क बहुत संकरी है, वहां कटिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद यात्रा सीजन के दौरान जिन भवनों को हटाने की जरूरत होगी, उन्हें हटाया जाएगा। फिर यात्रा सीजन खत्म होने के बाद दोबारा कटिंग का काम चालू होगा।
पांच चरणों में होगा हाईवे चौड़ीकरण
1. पहला चरण (भैरोंघाटी से झाला तक) – इस हिस्से में देवदार के पेड़ों के कटने की संभावना है, जिससे पर्यावरणविद चिंतित हैं। बीआरओ ने इस क्षेत्र में आने वाले पेड़ों की दोबारा गणना की है और वन विभाग से मंजूरी का प्रस्ताव फिर भेजने की उम्मीद है।
2. दूसरा चरण (झाला से सुक्की प्रथम मोड़ तक) – इस हिस्से में सुक्की बाइपास बनने वाला है, लेकिन स्थानीय होटल व्यवसायी और किसान इसका विरोध कर रहे हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों की बैठक हो चुकी है, और उनकी मांगों को परिवहन मंत्रालय तक पहुंचाया गया है।
3. तीसरा चरण (सुक्की प्रथम मोड़ से हिना तक) – इस हिस्से में हाईवे चौड़ीकरण के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार हो रही है।
4. चौथा चरण (हिना से तेखला बाइपास तक) – इस बाइपास के कारण गंगोरी और नेताला क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं और पुराने हाईवे को ही चौड़ा करने की मांग कर रहे हैं।
5. पांचवां चरण (तेखला से चुंगी बड़ेथी ओपन टनल तक) – बीआरओ सबसे पहले इसी हिस्से में चौड़ीकरण शुरू करेगा। वन विभाग से मंजूरी मिलते ही इसका काम शुरू हो जाएगा।
चारधाम सड़क परियोजना की मुख्य बातें
चारधाम सड़क परियोजना केंद्र सरकार की एक बड़ी योजना है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में शुरू किया था। इस परियोजना के तहत चारधाम को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए सड़क को डबल लेन किया जा रहा है। पहले इस सड़क की चौड़ाई 18 से 20 मीटर प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे 12 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। इस पूरी परियोजना की कुल लागत 12,000 करोड़ रुपये है।