उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे भाजपा के ध्रुवीकरण की राजनीति का हिस्सा करार दिया।
रावत ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक पहले भी संशोधन के लिए प्रस्तुत किया गया था, और तब भी इस पर कई सवाल उठाए गए थे। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय चर्चा के जरिए समाधान निकाला गया था, लेकिन इस बार सरकार किसी भी तरह की बहस से बच रही है।
हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा इस विधेयक के जरिए समाज में बंटवारे की राजनीति को और बढ़ावा देना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा समाधान निकालने की नहीं, बल्कि मुद्दों को राजनीतिक रंग देने की है।
गौरतलब है कि वक्फ संशोधन विधेयक को आज लोकसभा में पेश किया जाना है, और इसे लेकर राजनीतिक हलकों में पहले से ही गर्मागर्म बहस छिड़ी हुई है। विपक्ष इस विधेयक पर कड़ी आपत्ति जता रहा है, जबकि भाजपा इसे न्यायोचित बता रही है।
हरीश रावत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बहस तेज हो रही है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार को चाहिए कि वह सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले, न कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए कानून बनाए।