हल्द्वानी में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। तेज़ रफ्तार, लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण दुर्घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। यातायात पुलिस द्वारा चलाया गया “यातायात जागरूकता माह” अभियान भी लोगों पर कोई खास असर नहीं डाल पाया है।
भारी चालान, लेकिन कोई सुधार नहीं
पिछले एक साल में यातायात पुलिस ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 4,47,69,900 रुपये का चालान काटा। इसके बावजूद सड़क हादसों में कोई कमी नहीं आई है। पुलिस ने कई इलाकों में ट्रैफिक चेकिंग अभियान भी चलाया, लेकिन लोग अब भी तेज़ रफ्तार से वाहन चला रहे हैं और नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
क्या हैं सड़क हादसों के प्रमुख कारण?
1. तेज़ रफ्तार और लापरवाही: अधिकांश दुर्घटनाएँ ओवरस्पीडिंग और लापरवाह ड्राइविंग के कारण हो रही हैं।
2. ट्रैफिक नियमों की अनदेखी: हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनना, रेड लाइट तोड़ना और गलत दिशा में वाहन चलाना आम हो गया है।
3. शराब पीकर गाड़ी चलाना: नशे की हालत में ड्राइविंग के कारण सड़क पर गंभीर हादसे हो रहे हैं।
4. अतिक्रमण और खराब सड़कें: बाजारों और मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण और गड्ढों वाली सड़कों से दुर्घटनाएँ बढ़ रही हैं।
पुलिस की सख्ती और जनता की लापरवाही
यातायात पुलिस लगातार लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील कर रही है। शहर में कई जगह ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद दुर्घटनाओं में कोई खास कमी नहीं आई है।
जनता को भी निभानी होगी जिम्मेदारी
सड़क सुरक्षा केवल कानून लागू करने से संभव नहीं है, बल्कि लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट लगाना, गति सीमा का पालन करना और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करना जरूरी है। जब तक लोग खुद सतर्क नहीं होंगे, तब तक सड़क हा
दसे रोक पाना मुश्किल होगा।