हसनपुर (अमरोहा): उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक रूह कपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव पिपलोती कलां में शनिवार की आधी रात अज्ञात हमलावरों ने एक मजदूर की नृशंस हत्या कर दी। हमलावरों ने पहले युवक के हाथ-पैर बांधे और फिर धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस वक्त इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया, उसी टिनशेड के नीचे मृतक की पत्नी और मासूम बच्चे भी सो रहे थे।
घटना का विवरण: आधी रात का खौफनाक मंजर
मृतक की पहचान 35 वर्षीय मेहराज (उर्फ मिराज) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मेहराज दिल्ली में बेलदारी (मजदूरी) का काम करता था और अभी महज चार दिन पहले ही अपने गांव लौटा था। शनिवार की रात वह अपने परिवार के साथ घर के आंगन में बने टिनशेड के नीचे सोया था। टिनशेड में अलग-अलग चारपाइयों पर मेहराज, उसकी पत्नी रूही और उनके दो छोटे बच्चे सो रहे थे।
रात के सन्नाटे में अज्ञात हमलावर घर में दाखिल हुए। उन्होंने मेहराज को संभलने का मौका तक नहीं दिया। हमलावरों ने पहले उसके हाथ और पैर रस्सी से बांध दिए ताकि वह विरोध न कर सके और फिर बड़ी बेरहमी से धारदार हथियार से उसका गला काट दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
सुबह जब पिता पहुंचे तो उड़ गए होश
इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा रविवार सुबह हुआ। जब मेहराज के पिता, मौबीन, सुबह-सुबह अपने बेटे के पास पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मेहराज खून से लथपथ चारपाई पर पड़ा था, उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे और गर्दन कटी हुई थी।
पिता की चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
ग्रामीणों ने बताया कि घटनास्थल का मंजर इतना डरावना था कि देखने वालों की रूह कांप गई। मृतक की पत्नी रूही पास ही बेहोश पड़ी मिली, जबकि बच्चे सुरक्षित थे लेकिन सहमे हुए थे।
पुलिस जांच और रहस्यमयी खामोशी
सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सीओ पंकज त्यागी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इस मामले में सबसे बड़ा रहस्य मृतक की पत्नी रूही को लेकर बना हुआ है। घटना के समय वह वहीं मौजूद थी, लेकिन वह बेहोशी की हालत में मिली। अस्पताल में भर्ती कराए जाने और होश में आने के बाद भी वह पुलिस को कुछ भी साफ-साफ बताने की स्थिति में नहीं है या यूं कहें कि वह चुप्पी साधे हुए है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उसे कोई नशीला पदार्थ दिया गया था या वह सदमे की वजह से कुछ बोल नहीं पा रही है।
जांच के मुख्य बिंदु:
पुलिस इस हत्याकांड को कई पहलुओं से देख रही है:
* पुरानी रंजिश: क्या दिल्ली से लौटने के बाद मेहराज की गांव में किसी से कोई दुश्मनी हुई थी?
* लूटपाट या रंजिश: घर से किसी कीमती सामान के गायब होने की खबर नहीं है, जिससे यह साफ होता है कि हमलावरों का मकसद केवल हत्या करना था।
* अपनों की भूमिका: हाथ-पैर बांधकर गला रेतने जैसी वारदात में आमतौर पर एक से अधिक लोग शामिल होते हैं। पुलिस परिवार के सदस्यों और करीबियों के बयानों की कड़ियां जोड़ रही है।
गांव में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद से पिपलोती कलां गांव में मातम और दहशत पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मेहराज एक सीधा-साधा मजदूर था जो शहर में रहकर अपने परिवार का पेट पालता था। चार दिन पहले ही वह खुशहाली के साथ घर लौटा था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसके अपने ही घर में उसकी मौत उसका इंतजार कर रही है।
अधिकारियों का क्या कहना है?
अमरोहा के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की गई हैं। सीओ पंकज त्यागी ने मीडिया को बताया:
> “प्रथम दृष्टया यह सुनियोजित हत्या का मामला लग रहा है। हाथ-पैर बांधकर हत्या करना अपराधियों की क्रूरता को दर्शाता है। पत्नी अभी सदमे में है, उससे पूछताछ के बाद अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
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निष्कर्ष
अमरोहा का यह हत्याकांड उत्तर प्रदेश में ग्रामीण इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर रहा है। एक मजदूर, जो अपने परिवार के साथ सुरक्षित नींद की उम्मीद में सोया था, वह फिर कभी नहीं उठा। अब देखना यह है कि पुलिस कितनी जल्दी इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा पाती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है।

