सुरेंद्रनगर/राजकोट:
गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां चोटीला-राजकोट नेशनल हाईवे पर देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब एक निजी लग्जरी बस और डामर से लदे ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते बस आग के गोले में तब्दील हो गई, जिससे यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना चोटीला के समीप खोलिया और संगानी गांव के बीच नेशनल हाईवे पर रात करीब 1:30 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, डामर से भरा एक टैंकर/ट्रक अहमदाबाद से राजकोट की ओर जा रहा था। अचानक ट्रक का टायर फट गया, जिससे उसकी गति अनियंत्रित हो गई। इसी दौरान पीछे से आ रही एक निजी लग्जरी बस, जो अहमदाबाद से राजकोट की ओर ही जा रही थी, सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई।
टक्कर लगते ही बस के अगले हिस्से में धमाका हुआ और डामर के ज्वलनशील होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। बस में करीब 40 यात्री सवार थे। गहरी नींद में सो रहे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई।
चार यात्री जिंदा जले, 15 की हालत गंभीर
डिप्टी कलेक्टर एच.टी. मकवाना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस भीषण आग में चार यात्री बस के भीतर ही फंस गए और उनकी जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि शिनाख्त के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा सकती है।
इस हादसे में लगभग 15 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने राहत कार्य शुरू किया और खिड़कियां तोड़कर कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) एस.एस. भदौरिया ने बताया कि घायलों को तत्काल राजकोट के सिविल अस्पताल और चोटीला के स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
प्रशासनिक कार्रवाई और राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही चोटीला और आसपास के क्षेत्रों से दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। पुलिस ने हाईवे पर यातायात को डायवर्ट किया ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला प्रशासन ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए चोटीला रेफरल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस अब ट्रक चालक और बस ऑपरेटर के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर रही है।
हाईवे पर सुरक्षा के सवाल
इस घटना ने एक बार फिर रात के समय नेशनल हाईवे पर चलने वाले भारी वाहनों और निजी बसों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टायर फटने और ओवरस्पीडिंग जैसी समस्याएं अक्सर ऐसे जानलेवा हादसों का कारण बनती हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे लंबी दूरी की यात्रा के दौरान टायरों की स्थिति और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें।

