देहरादून (राजपुर): उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का सबसे शांत और वीआईपी इलाका माना जाने वाला मसूरी रोड सोमवार सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। मामूली ओवरटेकिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ा कि दो गुटों की आपसी रंजिश के बीच मॉर्निंग वॉक पर निकले एक बेगुनाह पूर्व सैन्य अधिकारी को अपनी जान गंवानी पड़ी। जाखन निवासी रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी, जो रोजाना की तरह सुबह की ताजी हवा में टहलने निकले थे, इस खूनी संघर्ष का शिकार हो गए।
घटना का क्रम: मामूली कहासुनी और फिर खूनी खेल
जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार सुबह राजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मालसी के पास की है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दिल्ली नंबर की एक सफेद रंग की फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो-N के बीच रास्ता देने (ओवरटेकिंग) को लेकर विवाद शुरू हुआ। यह विवाद महज जुबानी जंग तक सीमित नहीं रहा। स्कॉर्पियो सवार युवकों का गुस्सा इस कदर सातवें आसमान पर था कि उन्होंने बीच सड़क पर ही फिल्म की तरह फॉर्च्यूनर का पीछा करना शुरू कर दिया।
हथियारों से लैस स्कॉर्पियो सवारों ने फॉर्च्यूनर को रोकने के लिए उसके टायरों को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक गोली निशाने से चूक गई और सड़क किनारे टहल रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को जा लगी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।
अस्पताल में तोड़ा दम, इलाके में शोक की लहर
गोली लगने के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों और सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल ब्रिगेडियर जोशी को नजदीकी मैक्स अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चोट इतनी गहरी थी और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत की खबर फैलते ही सैन्य गलियारों और देहरादून के नागरिक समाज में भारी आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई है।
जोहड़ी गांव के पास पेड़ से टकराई फॉर्च्यूनर
फायरिंग के दौरान दहशत में आए फॉर्च्यूनर सवारों ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी, जिसके चलते जोहड़ी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि इसके बाद भी स्कॉर्पियो सवारों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने गाड़ी से उतरकर फॉर्च्यूनर में बैठे लोगों के साथ बुरी तरह मारपीट की और उनके वाहन को भी नुकसान पहुंचाया। इस हमले में फॉर्च्यूनर सवार दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस प्रशासन में हड़कंप, एसएसपी ने संभाला मोर्चा
राजधानी के वीआईपी रूट पर दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र डोबाल, एसपी सिटी प्रमोद कुमार और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और गोलियों के खोखे बरामद किए हैं।
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
> “यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पूरे जनपद में नाकेबंदी (Seal) कर दी गई है और फरार स्कॉर्पियो सवारों की गिरफ्तारी के लिए पांच अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
>
देहरादून में बढ़ता ‘रोड रेज’ का खतरा
यह घटना देहरादून के बदलते स्वरूप और बढ़ती आक्रामकता की ओर इशारा करती है। पर्यटन सीजन और दिल्ली-एनसीआर से आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही शहर में ‘रोड रेज’ की घटनाएं बढ़ रही हैं। एक पूर्व ब्रिगेडियर, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा की, उनका अपने ही शहर की सड़कों पर सुरक्षित न होना कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है।
मुख्य बिंदु (Quick Highlights):
* स्थान: मसूरी रोड, मालसी-जोहड़ी मार्ग, देहरादून।
* मृतक: रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी (निवासी- जाखन)।
* विवाद का कारण: दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो-N के बीच ओवरटेकिंग विवाद।
* पुलिस कार्रवाई: राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी।
Doon Prime News की टीम मृतक ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और प्रशासन से मांग करती है कि इस दुस्साहिक वारदात को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
ताजा अपडेट्स के लिए बने रहें Doon Prime News के साथ।







