पिथौरागढ़ |
उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से एक रूह कंपा देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। कनालीछीना विकासखंड के अंतर्गत आने वाले द्वालीसेरा गांव में एक पति ने मामूली घरेलू विवाद के बाद अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति ने भागने के बजाय पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
विवाद बना खूनी संघर्ष की वजह
जानकारी के अनुसार, नेपाल सीमा से सटे कनालीछीना के द्वालीसेरा गांव निवासी भुवन प्रसाद (42) और उसकी पत्नी गीता देवी (36) के बीच बुधवार रात किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से से आगबबूला होकर भुवन प्रसाद ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और गीता देवी के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया।
सिर पर गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण गीता देवी की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आरोपी भुवन मजदूरी का काम करता है और घटना के समय वह नशे की हालत में था। वहीं, मृतका गीता देवी क्षेत्र में आशा कार्यकर्ती के रूप में कार्यरत थीं और सामाजिक कार्यों में काफी सक्रिय रहती थीं।
वारदात के समय घर में मौजूद था पूरा परिवार
हैरानी और दुख की बात यह है कि जब यह भीषण हत्याकांड हुआ, उस समय घर में परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, घर में भुवन की बुजुर्ग मां, उसकी बहू और छोटे बेटा-बेटी मौजूद थे। शोर सुनकर जब तक परिजन और पड़ोसी कुछ समझ पाते, तब तक गीता दम तोड़ चुकी थी।
घटना के तुरंत बाद आरोपी भुवन प्रसाद स्वयं कनालीछीना पुलिस चौकी पहुंचा और अपना जुर्म कबूल करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी की बात सुनकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लिया और घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम
सूचना मिलते ही अस्कोट थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने अपराध स्थल (Crime Scene) को सील कर दिया है और साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
पिथौरागढ़ पुलिस के अनुसार, मृतका के पिता गोपाल राम ने इस संबंध में तहरीर दी है, जिसके आधार पर आरोपी भुवन प्रसाद के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब हत्या के पीछे के असल कारणों की बारीकी से जांच कर रही है कि क्या यह विवाद क्षणिक था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश या पारिवारिक कलह थी।
चार बच्चों के सिर से उठा मां का साया
इस हत्याकांड ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। भुवन और गीता के दो बेटे और दो बेटियां हैं। इनमें से एक बेटे और एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि छोटे बच्चे अभी पढ़ रहे हैं। इस घटना के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वालों का कहना है कि भुवन अक्सर शराब के नशे में विवाद करता था, लेकिन वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।
इलाके में सनसनी और आक्रोश
पिथौरागढ़ जैसे शांत सीमांत जिले में इस तरह की नृशंस हत्या की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। आशा कार्यकर्ती के रूप में गीता देवी की समाज में एक अच्छी पहचान थी, जिसकी वजह से उनके साथी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और दुख है।
मुख्य तथ्य एक नज़र में:
स्थान: द्वालीसेरा गांव, कनालीछीना (पिथौरागढ़)
आरोपी: भुवन प्रसाद (मजदूर)
मृतका: गीता देवी (आशा कार्यकर्ती)
हथियार: कुल्हाड़ी से सिर पर वार।
पुलिस कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
संपादकीय टिप्पणी: नशा और घरेलू हिंसा समाज के लिए अभिशाप बनते जा रहे हैं। पिथौरागढ़ की यह घटना हमें चेतावनी देती है कि पारिवारिक विवादों का समय पर समाधान और नशे पर अंकुश लगाना कितना अनिवार्य है ताकि किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

