मुंबई न्यूज़ डेस्क: मायानगरी मुंबई के मनोरंजन जगत से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जिसने युवा पीढ़ी और ड्रग्स के बढ़ते जाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोरेगांव स्थित नेस्को (NESCO) सेंटर में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग्स के संदिग्ध ओवरडोज के कारण दो होनहार एमबीए (MBA) छात्रों की जान चली गई, जबकि एक अन्य छात्रा की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मचा दिया है और पुलिस प्रशासन अब ड्रग्स सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
घटना का विवरण: जश्न के बीच पसरा सन्नाटा
यह दर्दनाक वाकया 11 अप्रैल की रात का है। जानकारी के अनुसार, गोरेगांव के नेस्को सेंटर में एक बड़े म्यूजिक इवेंट का आयोजन किया गया था। इस कॉन्सर्ट में शामिल होने के लिए लगभग 4,000 युवाओं की भीड़ उमड़ी थी, जिन्होंने 2,000 रुपये की भारी-भरकम एंट्री फीस देकर टिकट खरीदे थे। इसी भीड़ में दो युवतियां और एक युवक भी शामिल थे, जो अपनी एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान ही इन तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें सांस लेने में भारी तकलीफ महसूस होने लगी और वे बेहोश होकर गिर पड़े। आनन-फानन में तीनों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
डॉक्टरों की पुष्टि: ड्रग ओवरडोज ने ली जान
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने 24 वर्षीय युवती और 28 वर्षीय युवक को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 25 वर्षीय दूसरी छात्रा की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है, जो फिलहाल आईसीयू (ICU) में जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रही है। प्रारंभिक जांच और डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि मौत का मुख्य कारण नशीले पदार्थों (Drugs) का अत्यधिक सेवन यानी ओवरडोज था।
मुंबई पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मरने वाले छात्रों में से एक ने इवेंट में पहुंचने से पहले ही टैक्सी के अंदर एक नशीली गोली (MDMA) का सेवन किया था। कॉन्सर्ट वेन्यू के अंदर जाने के बाद उसने दूसरी गोली ली, जिसके बाद उसका शरीर ड्रग्स की तीव्रता को सहन नहीं कर पाया और अंगों ने काम करना बंद कर दिया।
MDMA का जाल: छात्र ही निकला मौत का सौदागर
पुलिस की गहराई से की गई जांच में पता चला है कि इस जानलेवा ड्रग, जिसे स्थानीय भाषा में ‘एक्स्टसी’ या ‘MDMA’ कहा जाता है, की सप्लाई करने वाला कोई और नहीं बल्कि उन्हीं का एक साथी छात्र ही था। पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से MDMA की 6 से 7 अन्य गोलियां भी बरामद की गई हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि ये नशीले पदार्थ मुंबई के बाहर से मंगवाए गए थे। पुलिस अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि क्या कॉन्सर्ट के भीतर ड्रग्स की सप्लाई के लिए कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था।
बड़ी गिरफ्तारियां और आयोजकों पर शिकंजा
मुंबई पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए न केवल सप्लायर बल्कि इवेंट के आयोजकों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं:
• विहान उर्फ आकाश समल: इवेंट ऑर्गेनाइजर।
• सनी विनोद जैन: नेस्को इवेंट ऑर्गेनाइजेशन एंड मैनेजमेंट।
• बालकृष्णन बलराम: इंटरनल सिक्योरिटी टीम का सदस्य।
• अन्य गिरफ्तारियां: दो छात्र जो ड्रग्स की खरीद-फरोख्त में शामिल बताए जा रहे हैं।
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पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक हुई, जिससे नशीले पदार्थ कॉन्सर्ट के अंदर तक पहुंच गए।
वायरल वीडियो और सुरक्षा पर सवाल
सोशल मीडिया पर इस कॉन्सर्ट के कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें युवाओं को झूमते और डांस करते देखा जा सकता है। पुलिस इन वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या कॉन्सर्ट के दौरान खुलेआम नशीले पदार्थों का इस्तेमाल हो रहा था।
दूसरी ओर, नेस्को सेंटर के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है, “हम स्थिति की गंभीरता को समझते हैं और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। हम जांच अधिकारियों को अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।”
निष्कर्ष: युवाओं के भविष्य पर गहराता खतरा
यह घटना एक चेतावनी है उन अभिभावकों और प्रशासन के लिए जो रेव पार्टी और म्यूजिक कॉन्सर्ट की आड़ में पनप रहे ड्रग कल्चर को अनदेखा कर रहे हैं। एमबीए जैसे प्रतिष्ठित कोर्स की पढ़ाई कर रहे छात्रों का इस तरह ड्रग्स के दलदल में फंसना समाज के लिए एक बड़ा अलार्म है।
मुंबई पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे अपनी सेहत और भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। साथ ही, शहर में सक्रिय ड्रग्स पेडलर्स के खिलाफ एक विशेष अभियान छेड़ने की तैयारी भी कर ली गई है।

