हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लापता होने के अगले दिन बरामद हुई एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। मृतका के परिजनों ने किशोरी के दोस्तों पर सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) जैसे जघन्य अपराध के आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने भी सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
ट्यूशन के बहाने निकली थी किशोरी, अगले दिन मिली लोकेशन
घटनाक्रम के अनुसार, ज्वालापुर की गोविंदपुरी कॉलोनी निवासी एक किशोरी शुक्रवार शाम को अपने घर से ट्यूशन जाने की बात कहकर निकली थी। जब वह देर रात तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने घबराकर उसकी तलाश शुरू की। स्थानीय स्तर पर खोजबीन के बाद परिजनों ने ज्वालापुर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
अगली सुबह, किशोरी ने अपनी एक सहेली को फोन कर बताया कि वह अपने दोस्त के साथ कनखल के सतीघाट पर है। सहेली की सूचना पर पुलिस और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और किशोरी व उसके दोस्त को कोतवाली ले आए।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
कोतवाली में महिला उपनिरीक्षक ललिता चुफाल ने किशोरी से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, किशोरी ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ ऋषिकेश घूमने गई थी और रात सतीघाट पर बिताई। उस वक्त किशोरी ने किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की बात नहीं कही, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हालांकि, अब कांग्रेस नेताओं और परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और मामले को हल्के में लिया।
अस्पताल में मौत और परिजनों का भारी हंगामा
परिजनों के अनुसार, घर लौटने के बाद रात में अचानक किशोरी की तबीयत बिगड़ गई। उसे आनन-फानन में रानीपुर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोरी की मौत की खबर फैलते ही हड़कंप मच गया।
क्रोधित परिजनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल में एकत्र होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का सीधा आरोप है कि किशोरी के साथ उसके दोस्तों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे जहर देने या आत्महत्या के लिए मजबूर करने की स्थिति पैदा की।
पोस्टमार्टम और शुरुआती जांच के तथ्य
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह के निर्देश पर डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई।
• शुरुआती रिपोर्ट: प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने ‘जहर’ (Poisoning) के कारण मौत होने की आशंका जताई है।
• विसरा सुरक्षित: मौत के वास्तविक कारणों का सटीक पता लगाने के लिए किशोरी का विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
शुरुआत में परिजनों ने रिपोर्ट आने तक शव लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद वे अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
राजनीतिक गरमाहट और कोतवाली घेराव की चेतावनी
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पूर्व दर्जाधारी डॉ. संजय पालीवाल, कांग्रेस नेता मनोज सैनी, और महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता जोशी समेत कई नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि चंपावत कांड के बाद प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। कांग्रेस नेताओं ने घोषणा की है कि सोमवार को ज्वालापुर कोतवाली का घेराव किया जाएगा और दोषी पुलिसकर्मियों व आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
पुलिस की आगामी कार्रवाई
पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने के लिए कई स्तरों पर जांच कर रही है:
• CCTV खंगालना: हरिद्वार, कनखल और ऋषिकेश के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि किशोरी वास्तव में किसके साथ और कहाँ-कहाँ गई थी।
• पूछताछ: किशोरी के दोस्त और अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
• कॉल डिटेल्स: पुलिस मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ रही है।
अधिकारी का कथन:
“किशोरी के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
— अभय प्रताप सिंह, एसपी सिटी, हरिद्वार
यह घटना एक बार फिर शहर में महिला सुरक्षा और किशोरों के बीच बढ़ते अपराधों पर सवालिया निशान लगाती है। अब सभी की निगाहें विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की तफ्तीश पर टिकी हैं।

