दिल्ली-एनसीआर के परिवहन परिदृश्य में आज एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस मील के पत्थर के साथ ही दिल्ली और मेरठ के बीच का घंटों का सफर अब महज एक घंटे से भी कम समय में सिमट जाएगा।
तेज रफ्तार सफर का नया युग
अब तक नमो भारत ट्रेनें दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ दक्षिण के बीच 55 किलोमीटर के हिस्से में चल रही थीं। आज के उद्घाटन के साथ, सराय काले खां से लेकर मोदीपुरम डिपो तक का पूरा कॉरिडोर यात्रियों के लिए खुल जाएगा।
रफ्तार और दक्षता: 180 किमी/घंटा की अधिकतम गति वाली नमो भारत ट्रेनें 160 किमी/घंटा की परिचालन गति से दौड़ेंगी।
समय की बचत: सड़क मार्ग से लगने वाला सवा दो घंटे का समय अब घटकर लगभग 60 मिनट रह जाएगा।
अनोखा संगम: भारत में यह पहली बार है कि सेमी-हाई-स्पीड रीजनल रेल और स्थानीय मेट्रो एक ही बुनियादी ढांचे (ट्रैक) पर संचालित होंगी।
मेरठ मेट्रो: देश की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली
लगभग 12,930 करोड़ रुपये की लागत से बनी मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली बनने जा रही है, जिसकी परिचालन गति 120 किमी/घंटा तक होगी। मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम के बीच 12 स्टेशनों को कवर करते हुए यह मेट्रो पूरी दूरी मात्र 30 मिनट में तय करेगी।
यात्रियों के लिए प्रीमियम सुविधाएं
नमो भारत ट्रेनों को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है:
कोच की श्रेणी: 6 कोच वाली यह पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेन स्टैंडर्ड और प्रीमियम कोच में विभाजित है।
आधुनिक सुविधाएं: प्रीमियम कोच में लग्जरी सीटें, USB चार्जिंग पॉइंट, मैगजीन स्टैंड, कोट स्टैंड और लगेज रखने की विशेष जगह दी गई है।
डिजिटल अनुभव: कोच में डिस्प्ले स्क्रीन लगी है जो ट्रेन की गति और अगले स्टेशन की जानकारी देती है। प्रीमियम कोच में रिफ्रेशमेंट के लिए वेंडिंग मशीन की सुविधा भी है।
रणनीतिक और राजनीतिक महत्व
बुनियादी ढांचे के अलावा, यह कॉरिडोर रणनीतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दिल्ली को गाजियाबाद, मेरठ और बागपत जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों से सीधे जोड़ता है, जिससे नोएडा और गुरुग्राम तक रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह कदम अहम है, क्योंकि यह क्षेत्र आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण 15 सीटों को कवर करता है। शताब्दी नगर में उद्घाटन के बाद, पीएम मोदी मोहिउद्दीनपुर में एक विशाल रैली को भी संबोधित करेंगे, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सराय काले खां हब के प्रवेश द्वार बनने के साथ, “नमो भारत” केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि एक लाइफलाइन है जो एनसीआर को पहले से कहीं ज्यादा करीब ले आई है।
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