देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में आज का दिन बड़े बदलावों का साक्षी बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट का बहुप्रतीक्षित विस्तार आखिरकार हकीकत में बदल रहा है। नवरात्र के पावन अवसर पर, आज शुक्रवार को राजभवन में आयोजित होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह में पांच नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी।
शुभ मुहूर्त में नई टीम का आगाज
काफी समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए, धामी सरकार ने विस्तार के लिए नवरात्र के दूसरे दिन का शुभ मुहूर्त चुना है। राजभवन में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल करेंगे। मंत्रिमंडल में रिक्त पड़े पांच पदों को भरकर मुख्यमंत्री ने अपनी टीम को पूर्णता प्रदान करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इन विधायकों के सिर सजेगा ‘मंत्री’ का ताज
सूत्रों और हालिया घटनाक्रम के अनुसार, जिन विधायकों को इस बार कैबिनेट में जगह मिली है, उनके चयन में उनके पिछले चार वर्षों के रिपोर्ट कार्ड को आधार बनाया गया है। प्रमुख नामों में शामिल हैं:
भरत चौधरी: रुद्रप्रयाग से विधायक, जिन्होंने अपने क्षेत्र में विकास कार्यों की धार तेज रखी।
खजानदास: राजपुर विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले दिग्गज नेता, जिन्हें उनके अनुभव का इनाम मिला है।
सुरेश गढ़िया: कपकोट से युवा और ऊर्जावान विधायक, जो जातीय समीकरणों में भी फिट बैठते हैं।
इसके अलावा, हरिद्वार और नैनीताल जिलों से भी दो महत्वपूर्ण चेहरों को शामिल कर क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है।
सियासी समीकरण और 2027 की तैयारी
धामी कैबिनेट के इस विस्तार को केवल प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसे आगामी राजनीतिक चुनौतियों और जातीय संतुलन के एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ के रूप में देखा जा रहा है।
क्षेत्रीय संतुलन: कुमाऊं और गढ़वाल के बीच प्रतिनिधित्व का सटीक बंटवारा किया गया है।
जातीय तालमेल: ठाकुर, ब्राह्मण और दलित समुदायों के बीच संतुलन बिठाकर सरकार ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की है।
परफॉरमेंस आधारित चयन: इस बार केवल वरिष्ठता नहीं, बल्कि ‘डिलीवरी’ और संगठन के प्रति निष्ठा को प्राथमिकता मिली है।
दिल्ली से देहरादून तक का होमवर्क
यह विस्तार अचानक नहीं हुआ है। इसके पीछे राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच कई दौर की गहन चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री धामी ने खुद दिल्ली के कई चक्कर लगाकर आलाकमान के साथ नामों पर मंथन किया था। गृह मंत्रालय और भाजपा आलाकमान की हरी झंडी मिलने के बाद ही इन नामों पर अंतिम मुहर लगी है।
निष्कर्ष
धामी 2.0 सरकार का यह विस्तार उत्तराखंड की राजनीति को नई दिशा देगा। रिक्त पदों को भरकर सरकार अब विकास कार्यों की गति को और तेज करने का संकेत दे रही है। जनता की उम्मीदों और संगठन की अपेक्षाओं के बीच, ये नए मंत्री अब ‘मिशन 2027’ के सारथी बनेंगे।
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धामी मंत्रिमंडल का महा-विस्तार: नवरात्र के शुभ संयोग में 5 नए चेहरों की ‘ताजपोशी’, समीकरणों का मास्टरस्ट्रोक
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