हरिद्वार में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। नगर कोतवाली क्षेत्र के एक होटल के कमरे में अचानक आग लगने से राजस्थान निवासी और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) में कार्यरत जूनियर इंजीनियर मोहित की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव कब्जे में लिया।
मोहित पंजाब के बठिंडा में तैनात थे और 26 अगस्त से लापता चल रहे थे। परिजनों के अनुसार, हाल के दिनों में उनका व्यवहार बदल गया था और वह मानसिक तनाव में दिखाई दे रहे थे। उन्होंने अंतिम बार अपने पिता से कहा था कि वह “सत्य की खोज” में जाना चाहते हैं। इसके बाद से ही वह अचानक लापता हो गए थे।
गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे मोहित हरिद्वार पहुंचे और होटल में कमरा बुक किया। उन्होंने रजिस्टर में अपना और पिता का मोबाइल नंबर दर्ज कराया। कमरे में प्रवेश करने के बाद उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। करीब ढाई घंटे बाद कमरे से धुआं उठता देख होटल स्टाफ ने दरवाजा तोड़ा, लेकिन तब तक मोहित की जलकर मौत हो चुकी थी।
पुलिस की मानें तो होटल रजिस्टर में पिता का नंबर दर्ज करना इस ओर इशारा करता है कि मोहित पहले से ही इस कदम के लिए मानसिक रूप से तैयार होकर आए थे। कमरे में लगी आग से फर्नीचर, पंखा, एसी और अन्य सामान भी पूरी तरह जलकर राख हो गया और कमरा खंडहर जैसा बन गया।
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और प्रेम प्रसंग समेत अन्य कारणों पर भी पड़ताल की जा रही है।