विशेष संवाददाता, हरिद्वार
1 जून, 2026
हरिद्वार: उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहाँ के प्रसिद्ध सप्तऋषि क्षेत्र में राजस्थान से आए श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैवलर बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। इस भीषण सड़क हादसे में राजस्थान के नागौर जिले की रहने वाली एक महिला श्रद्धालु की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बस में सवार करीब 16 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। इस दुर्घटना के बाद से पवित्र तीर्थनगरी और घटना स्थल पर काफी समय तक चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
गंगा स्नान की हसरत रह गई अधूरी, परिवार में पसरा मातम
मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान के नागौर जिले से श्रद्धालुओं का एक दल पवित्र गंगा नदी में स्नान करने और तीर्थाटन के उद्देश्य से हरिद्वार आया हुआ था। मृतका भी अपने भाई, बच्चों और अन्य करीबी परिजनों के साथ बेहद उत्साह के साथ इस धार्मिक यात्रा पर निकली थी। पूरा परिवार सुबह-सुबह गंगा घाट पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाने की तैयारी में था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही श्रद्धालुओं से भरी यह बस सप्तऋषि क्षेत्र के पास पहुंची, अचानक चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया। रफ्तार तेज होने के कारण बस सड़क पर ही हिचकोले खाते हुए पलट गई। बस के पलटते ही भीतर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। बदकिस्मती से नागौर की महिला श्रद्धालु बस की खिड़की और सड़क के बीच में बुरी तरह दब गई, जिसके कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस हादसे ने हंसते-खेलते आए परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया।
अनियंत्रित डंपर ढाबे में घुसा, टला और बड़ा हादसा
सप्तऋषि हाईवे पर यह दुर्घटना इतनी भयानक थी कि इसे देखकर सड़क से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों के भी होश उड़ गए। चश्मदीदों के मुताबिक, ठीक उसी समय हाईवे से गुजर रहा एक भारी-भरकम डंपर भी इस हादसे को देखकर अचानक अनियंत्रित हो गया। खुद को बचाने और ब्रेक लगाने के चक्कर में डंपर सीधे सड़क किनारे बने एक लोकप्रिय ढाबे में जा घुसा।
ढाबे की दीवार और टिन शेड को तोड़ते हुए डंपर के अंदर घुसने से वहाँ भी भगदड़ मच गई। गनीमत यह रही कि सुबह का समय होने के कारण ढाबे के उस हिस्से में ग्राहक मौजूद नहीं थे, वरना यह हादसा कई गुना ज्यादा बड़ा और जानलेवा हो सकता था। इस दोहरे हादसे की वजह से नेशनल हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
राहत और बचाव कार्य में जुटी पुलिस, घायलों को पहुंचाया अस्पताल
हादसे की भयावहता को देखते हुए स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही सप्तऋषि चौकी और कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ मौके पर मुस्तैद हुई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बस के शीशे तोड़कर अंदर फंसे रोते-बिलखते श्रद्धालुओं को बाहर निकालना शुरू किया।
पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए एम्बुलेंस और निजी वाहनों के जरिए सभी 16 घायल यात्रियों को जिला अस्पताल और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ यात्रियों को फ्रैक्चर और अंदरूनी चोटें आई हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
हाईवे पर लगा लंबा जाम, क्रेन की मदद से हटाए गए वाहन
इस भीषण दुर्घटना के चलते हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर वाहनों का भयंकर जाम लग गया। कई किलोमीटर तक गाड़ियां रेंगती नजर आईं, जिससे स्थानीय निवासियों और अन्य तीर्थयात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घायलों को अस्पताल भेजने के बाद पुलिस ने तुरंत क्रेन को मौके पर बुलाया। क्रेन की मदद से बीच सड़क पर पलटी श्रद्धालुओं की बस और ढाबे में घुसे डंपर को हाईवे से हटाकर किनारे किया गया। इसके बाद पुलिस ने यातायात को धीरे-धीरे सुचारू रूप से बहाल कराया।
स्थानीय पुलिस प्रशासन का बयान:
“सप्तऋषि क्षेत्र में हुआ यह सड़क हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राजस्थान के नागौर की एक महिला की इस दुर्घटना में मृत्यु हुई है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। शुरुआती जांच में दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार या चालक को झपकी आना प्रतीत हो रहा है। डंपर और दुर्घटनाग्रस्त बस को कब्जे में ले लिया गया है और मामले की विस्तृत कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।”
धर्मनगरी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक और तेज रफ्तार के कारण इस तरह के हादसे पहले भी सामने आते रहे हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि सप्तऋषि जैसे व्यस्त और संवेदनशील तीर्थ क्षेत्रों के पास गति सीमा तय की जाए और वाहनों की चेकिंग बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए।





