कराची, पाकिस्तान | 1 मार्च, 2026
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भड़की विरोध की चिंगारी अब पड़ोसी देश पाकिस्तान में हिंसक रूप ले चुकी है। रविवार को कराची में हजारों की संख्या में आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट (दूतावास) को निशाना बनाया, जिसके बाद हुई पुलिसिया कार्रवाई में कम से कम 9 लोगों की जान चली गई है।
कॉन्सुलेट में तोड़फोड़ और आगजनी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खामेनेई की हत्या से नाराज भीड़ हाथों में लाठी-डंडे और बैनर लेकर कराची स्थित अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़ी। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक मोड़ ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर दूतावास परिसर में घुसने की कोशिश की, खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और इमारत के एक हिस्से में आग लगा दी। इस दौरान ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘ईरान जिंदाबाद’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
पुलिस कार्रवाई और हताहतों का आंकड़ा
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। हालांकि, स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। कराची के सिविल अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, इस झड़प में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से अधिकांश को गोलियां लगी हैं। दर्जनों अन्य घायल हैं, जिनका उपचार शहर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
खामेनेई की मौत और वैश्विक प्रभाव
ज्ञात हो कि ईरान के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हाल ही में तेहरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में हुई है। 1989 से ईरान की सत्ता संभाल रहे खामेनेई ने लगभग 36 वर्षों तक देश पर कठोर नियंत्रण रखा था। उनकी मौत को मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) की राजनीति में एक बड़े युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
घटनाक्रम के मुख्य बिंदु:
हमले का कारण: ईरान में हुए हवाई हमलों में खामेनेई की मौत से उपजा आक्रोश।
कराची में हिंसा: अमेरिकी दूतावास की संपत्ति को भारी नुकसान और आगजनी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: भारत में ओवैसी जैसे नेताओं ने रमजान के दौरान इस हमले को अनैतिक बताया है।
आर्थिक चिंता: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका बढ़ गई है।
भविष्य की अनिश्चितता
खामेनेई के बाद ईरान का अगला उत्तराधिकारी कौन होगा, इसे लेकर संशय बरकरार है। उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का नाम चर्चा में है, जिनकी विदेशी संपत्तियों को लेकर भी खबरें वायरल हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद ईरान में गृह युद्ध या सैन्य शासन जैसी स्थितियां भी पैदा हो सकती हैं।
फिलहाल कराची में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच यह टकराव एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।
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ईरान-अमेरिका तनाव की आग कराची तक: अमेरिकी दूतावास पर हमला, पुलिस के साथ हिंसक झड़प में 9 प्रदर्शनकारियों की मौत
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