हाइलाइट्स:
• घटना स्थल: वार्ड नंबर-7, इस्लामनगर स्थित खुशबू मैरिज हॉल, खटीमा (उत्तराखंड).
• मुख्य कारण: निकाह के ऐन वक्त पर दहेज की मांग बढ़ाना और मेहर की रकम पर विवाद.
• दुखद अंत: सदमे के कारण दुल्हन के पिता (सादिक ठेकेदार) की दिल का दौरा पड़ने से मौत.
• हंगामे का असर: गुस्साए स्थानीय लोगों ने दूल्हे सहित कई बारातियों को बंधक बनाकर पीटा; जान बचाने के लिए छतों से कूदे बाराती.
खटीमा (ऊधम सिंह नगर)।
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के सीमांत क्षेत्र खटीमा से एक बेहद स्तब्ध करने वाली और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक मैरिज हॉल में चल रहा शादी का जश्न उस समय अचानक चीख-पुकार, मातम और भारी बवाल में तब्दील हो गया, जब निकाह की रस्म के दौरान दहेज की लगातार बढ़ती मांग और मेहर की धनराशि को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई। लड़का पक्ष की अड़ियल और लालची शर्तों को सुनकर दुल्हन के पिता इस कदर सदमे में आ गए कि उन्हें मंच पर ही दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ गया। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता की मौत की खबर जैसे ही विवाह स्थल पर पहुँची, वहाँ मौजूद परिजनों और स्थानीय निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। आक्रोशित भीड़ ने दूल्हे और उसके करीबियों को बंधक बना लिया, जिसके बाद वहाँ जमकर लात-घूंसे चले। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि कई बारातियों को अपनी जान बचाने के लिए मैरिज हॉल के बगल की छतों से कूदकर भागना पड़ा।
स्वागत सत्कार के बाद मेहर की रकम पर अड़ा दूल्हा पक्ष
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना खटीमा के वार्ड नंबर-7 स्थित इस्लामनगर के ‘खुशबू मैरिज हॉल’ की है। यहाँ स्थानीय निवासी सादिक ठेकेदार की पुत्री का निकाह उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बड़ा फरीदपुर से आए मोहम्मद आरिफ के साथ तय हुआ था। रविवार रात जब बरेली से बारात खटीमा पहुँची, तो वधू पक्ष ने परंपरा के अनुसार बारातियों का गर्मजोशी और बड़े ही आदर-सत्कार के साथ स्वागत किया। शुरुआती रस्में बेहद शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुईं, लेकिन जैसे ही निकाह का वक्त आया, दोनों पक्षों के बीच मेहर (निकाह के समय वधू को दी जाने वाली सुरक्षित राशि) की रकम को लेकर ठन गई।
लड़की पक्ष का कहना था कि उन्होंने निकाह के लिए 5 लाख रुपये की मेहर तय करने की बात कही थी, ताकि बेटी का भविष्य सुरक्षित रहे। इसके विपरीत, दूल्हा पक्ष महज 21 हजार रुपये की मेहर पर अड़ गया। दोनों पक्षों के बड़े-बुजुर्गों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करने की काफी कोशिश की, लेकिन लड़का पक्ष अपनी बात से टस से मस नहीं हुआ।
पहले स्कूटी, फिर स्पोर्ट्स बाइक और कैश की मांग
दुल्हन के परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि लड़का पक्ष की नीयत शादी तय होने के बाद से ही खराब थी। वे लगातार अपनी फरमाइशें बदल रहे थे। शुरुआत में लड़का पक्ष की ओर से एक स्कूटी की मांग रखी गई थी, जिसे वधू पक्ष ने स्वीकार भी कर लिया था। लेकिन जैसे-जैसे शादी के दिन नजदीक आए, उनकी मांगें बढ़ती गईं। निकाह से ठीक पहले स्कूटी की जगह एक महंगी स्पोर्ट्स बाइक (अपाचे) और साथ में 1 लाख रुपये नकद की नई डिमांड सामने रख दी गई। बेटी के भविष्य और समाज में प्रतिष्ठा की खातिर दुल्हन के पिता हर संभव कोशिश कर रहे थे, लेकिन निकाह के समय मेहर को लेकर हुए विवाद ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी।
बेटी के पिता को आया अटैक, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
चर्चाओं के बीच अचानक माहौल में तनाव इतना बढ़ गया कि अपनी बेटी के सुनहरे भविष्य का सपना देख रहे पिता सादिक ठेकेदार इस मानसिक दबाव और अपमान को बर्दाश्त नहीं कर पाए। अत्यधिक तनाव के चलते अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे बेहोश होकर गिर पड़े। विवाह स्थल पर अचानक मची इस अफरा-तफरी के बीच परिजन उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक मानसिक आघात और सदमे के कारण उन्हें गंभीर दिल का दौरा पड़ा था।
गुस्साए लोगों ने दूल्हे-भाई को बनाया बंधक, छतों से कूदे बाराती
मैरिज हॉल में जैसे ही यह खबर पहुँची कि दुल्हन के पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे, शादी की खुशियां पल भर में चीख-पुकार और गुस्से में बदल गईं। वधू पक्ष के रिश्तेदारों और इस्लामनगर के स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने इस दुखद मौत के लिए सीधे तौर पर दूल्हे और उसके परिवार को जिम्मेदार ठहराया।
आक्रोशित भीड़ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दूल्हे मोहम्मद आरिफ, उसके भाई मोहम्मद खालिद और बहनोई अता हुसैन समेत कई मुख्य बारातियों को एक कमरे में बंधक बना लिया। इसके बाद उनके साथ जमकर मारपीट की गई। मैरिज हॉल के भीतर रखे सोफे और कुर्सियां तोड़ दी गईं। माहौल इस कदर हिंसक हो गया कि अपनी जान पर बन आती देख कई बाराती मैरिज हॉल से सटे एक मकान की छत पर चढ़ गए और वहाँ से नीचे कूदकर भागने लगे। इस आपाधापी में छत का एक छज्जा भी ढह गया, जिससे कुछ बारातियों को चोटें आने की भी खबर है।
भारी पुलिस बल ने संभाला मोर्चा, समझौते की कवायद जारी
शादी वाले घर में हिंसक झड़प और बंधक बनाए जाने की सूचना मिलते ही खटीमा कोतवाल विजेंद्र शाह भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सबसे पहले उग्र भीड़ के चंगुल से बंधक बने दूल्हे और उसके रिश्तेदारों को छुड़ाया। इसके साथ ही मैरिज हॉल में फंसीं महिलाओं, बच्चों और अन्य निर्दोष बारातियों को सुरक्षा घेरे में लेकर सुरक्षित बाहर निकाला गया। क्षेत्र में उपजे भारी तनाव को देखते हुए विवाह स्थल और आसपास के इलाके में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
कोतवाल विजेंद्र शाह का आधिकारिक बयान:
“निकाह की रस्मों के दौरान दहेज और मेहर की रकम को लेकर दोनों पक्षों में विवाद होने और एक व्यक्ति की हार्ट अटैक से मृत्यु का मामला सामने आया है। मौके पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। देर रात तक दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर पुलिस की मौजूदगी में बातचीत और समझौते के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच कोई आपसी सहमति या समझौता नहीं बनता है, तो नियमानुसार दोनों तरफ से मिलने वाली लिखित तहरीर/शिकायत के आधार पर निष्पक्ष विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
इस घटना के बाद से पूरे खटीमा क्षेत्र में शोक की लहर है और यह मामला इलाके में हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है।

