प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 10.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले तीन आधुनिक आवासीय छात्रावासों का शिलान्यास किया। इन छात्रावासों के तैयार होने से राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुसज्जित और बेहतर रहन-सहन की सुविधा मिलेगी। यह पहल न सिर्फ शिक्षा को मजबूती देगी, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण वातावरण भी उपलब्ध कराएगी।
जनजातीय गौरव दिवस एवं भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर गुजरात के नर्मदा जिले में आयोजित राष्ट्रीय समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से उत्तराखंड के लिए इन छात्रावासों की आधारशिला रखी। ये सभी भवन धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान के अंतर्गत निर्मित किए जाएंगे। इस योजना से देहरादून, चमोली और ऊधम सिंह नगर जिलों के जनजातीय छात्रों को सीधे लाभ मिलेगा।
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुरूप देहरादून के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बनियावाला में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया, जहां शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों के बच्चों के लिए यह पहल बेहद कारगर साबित होगी।
डॉ. रावत ने जानकारी दी कि चमोली जिले के माणा–घिंघराणा और देहरादून के क्वांसी में 3.60–3.60 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावासों का निर्माण होगा, जबकि ऊधम सिंह नगर के झांकत में 3.35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आवासीय परिसर तैयार किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने समग्र शिक्षा वर्ष 2023-24 के तहत बनियावाला में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास के उच्चीकरण हेतु 3.20 करोड़ रुपये की लागत से बने नए भवन का लोकार्पण किया और 1.70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले स्कूल भवन का शिलान्यास भी किया।
कार्यक्रम में एससीईआरटी निदेशक बंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय कुमार नौटियाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
यह पहल उत्तराखंड के जनजातीय विद्यार्थियों के लिए उज्जवल भविष्य की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है।

