नई दिल्ली/इस्लामाबाद: दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद ने अब एक पूर्ण सैन्य संघर्ष का रूप ले लिया है। शुक्रवार तड़के पाकिस्तान ने पड़ोसी देश अफगानिस्तान के खिलाफ आधिकारिक तौर पर युद्ध का ऐलान करते हुए भीषण हवाई हमले शुरू कर दिए हैं।
ऑपरेशन ‘गजब लिल-हक’ और भारी तबाही
पाकिस्तान ने अपने इस सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ नाम दिया है। पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के रणनीतिक केंद्रों—काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांत में बमबारी की है। पाकिस्तान सरकार का दावा है कि इस हमले में अब तक 130 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे गए हैं।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पुष्टि की है कि यह अभियान अफगान तालिबान की ओर से लगातार हो रही उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब है। पाकिस्तान का दावा है कि उन्होंने तालिबान के दो कोर मुख्यालय, तीन ब्रिगेड मुख्यालय और भारी मात्रा में गोला-बारूद के डिपो नष्ट कर दिए हैं।
तालिबान का पलटवार और दावों का टकराव
दूसरी ओर, तालिबान सरकार (अफगानिस्तान) ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया है। अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने डूरंड लाइन के पास पाकिस्तानी चौकियों पर भीषण जवाबी हमला किया है। तालिबान का दावा है कि इस संघर्ष में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और उन्होंने पाकिस्तान की कई सीमा चौकियों पर कब्जा कर लिया है। हालांकि, पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए अपने केवल दो सैनिकों की शहादत की बात कही है।
विवाद की जड़: डूरंड लाइन और टीटीपी
दोनों देशों के बीच इस युद्ध की मुख्य वजह 2,611 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन है, जिसे अफगानिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता नहीं देता। इसके अलावा, पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकवादी अफगान धरती का उपयोग करके पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं। काबुल इन आरोपों को हमेशा से नकारता रहा है।
प्रमुख अपडेट्स एक नजर में:
हवाई हमले: पाकिस्तान द्वारा काबुल और कंधार में सुखोई और F-16 (अपपुष्ट रिपोर्ट) जैसे विमानों का उपयोग।
बड़ा नुकसान: दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने का दावा किया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए दोनों देशों से कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है।
नागरिक हताहत: सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों में दहशत का माहौल है, कई परिवारों के पलायन की खबरें हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि उनकी सेना किसी भी बाहरी आक्रमण को कुचलने में पूरी तरह सक्षम है। वहीं, तालिबान लड़ाकों के गुरिल्ला युद्ध कौशल को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष लंबा और विनाशकारी खिंच सकता है।
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