Uttarakhand Weather Update को लेकर मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है। राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक राजधानी देहरादून, पौड़ी और टिहरी गढ़वाल में बादलों के रौद्र रूप को देखते हुए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं शेष जिलों में भी भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट बरकरार है। पर्वतीय मार्गों पर लगातार मलबा गिरने और भूस्खलन के चलते राज्य भर में 57 प्रमुख सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हो चुकी हैं, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर चारधाम यात्रा को भी अस्थाई रूप से रोक दिया गया है।
Uttarakhand Weather Update: मौसम विभाग की चेतावनी और तेज हवाओं का साया
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए बेहद संवेदनशील साबित हो सकते हैं। प्रभावित जिलों में बिजली कड़कने के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें। संवेदनशील ढलानों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन से 57 मार्ग ठप
लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ों से लगातार बोल्डर और मलबा सड़कों पर गिर रहा है। लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन तंत्र की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 57 सड़कें बंद हो चुकी हैं। सबसे अधिक प्रभावित जनपदों का विवरण इस प्रकार है:
- नैनीताल व पिथौरागढ़: दोनों जनपदों में 11-11 मुख्य और संपर्क मार्ग पूरी तरह ठप हैं।
- देहरादून व चमोली: दोनों जनपदों में 8-8 मार्गों पर यातायात अवरुद्ध है।
- टिहरी व बागेश्वर: टिहरी में 5 और बागेश्वर में 4 सड़कें मलबे से बंद हैं।
- पौड़ी व रुद्रप्रयाग: दोनों जनपदों में 3-3 प्रमुख संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं।
- अल्मोड़ा व उत्तरकाशी: दोनों जिलों में 2-2 सड़कें बंद होने से ग्रामीणों का संपर्क कट गया है।
मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी और भारी पोकलैंड मशीनों को तैनात किया गया है, लेकिन रुक-रुक कर हो रहे भूस्खलन से राहत और बहाली कार्य में भारी बाधा आ रही है।
Uttarakhand Weather Update: चारधाम यात्रा पर अस्थाई रोक और ट्रांजिट कैंपों में अलर्ट
तीर्थयात्रियों की जान-माल की हिफाजत को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने चारधाम यात्रा को तत्काल प्रभाव से रविवार तक स्थगित करने का आदेश जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त आपातकालीन चेतावनियों के आधार पर चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन ने शनिवार दोपहर से ही वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी।
इस फैसले के तुरंत बाद संभागीय परिवहन प्राधिकरण (एआरटीओ) ने यात्रा से जुड़े वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ठप कर दी है। ऋषिकेश के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रावत सिंह कटारिया ने पुष्टि की कि आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। ऋषिकेश, हरिद्वार और विकासनगर समेत विभिन्न प्रमुख पड़ावों पर रोके गए श्रद्धालुओं को सुरक्षित ट्रांजिट कैंपों और धर्मशालाओं में ठहराया गया है, जहां प्रशासन द्वारा भोजन, पानी और चिकित्सा की बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
खतरे के निशान पर पहुंची नदियां
पहाड़ों से लेकर मैदानों तक लगातार बरस रहे पानी के चलते राज्य की जीवनदायिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
- गंगा नदी: हरिद्वार में शाम के समय गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर को छूते हुए खतरे के निशान से महज 3 मीटर नीचे बह रहा था। तटीय बस्तियों में मुनादी कर लोगों को अलर्ट कर दिया गया है।
- अलकनंदा और मंदाकिनी: रुद्रप्रयाग में दोनों प्रमुख नदियों का संगम उफान पर है और जलधाराएं खतरे के स्तर के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं।
- सरयू नदी: बागेश्वर जनपद में सरयू नदी का प्रवाह तीव्र हो चुका है, जिससे नदी किनारे बसे बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
Uttarakhand Weather Update: जिलों में बारिश के आंकड़े और रिकॉर्ड
राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक वर्षा मैदानी जिले उधम सिंह नगर में दर्ज की गई है। यहां के गुलरभोज क्षेत्र में 91.5 मिमी की भारी वर्षा दर्ज हुई। इसके अलावा काशीपुर में 89.0 मिमी और गदरपुर में 86.0 मिमी पानी बरसा, जिससे निचले रिहायशी इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई।
प्रमुख वर्षा वाले क्षेत्रों का तुलनात्मक विवरण
| जनपद | स्थान | दर्ज वर्षा (मिमी में) |
|---|---|---|
| नैनीताल | कोश्याकुटोली | 87.5 |
| नैनीताल | नैनीताल शहर | 78.5 |
| नैनीताल | धारी | 66.5 |
| चंपावत | पाटी | 72.5 |
| चंपावत | लोहाघाट | 68.5 |
| चंपावत | चंपावत मुख्य | 60.5 |
| पौड़ी गढ़वाल | नैनीडांडा | 65.0 |
| पौड़ी गढ़वाल | लैंसडौन | 54.0 |
| पौड़ी गढ़वाल | कालागढ़ | 52.5 |
| अल्मोड़ा | जैंती | 63.0 |
| अल्मोड़ा | शीतलाखेत | 61.5 |
| अल्मोड़ा | रानीखेत | 57.5 |
| देहरादून | निरंजनपुर | 57.0 |
अपेक्षाकृत कम वर्षा वाले केंद्र
राज्य के कुछ आंतरिक और ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम से हल्की वर्षा दर्ज की गई। पिथौरागढ़ के गनाई गंगोली में 47.5 मिमी, बागेश्वर के डंगोली में 47.0 मिमी, उत्तरकाशी के जानकी चट्टी में 43.0 मिमी, चमोली के पोखरी में 42.0 मिमी, रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि में 26.0 मिमी, हरिद्वार के खानपुर में 23.5 मिमी, देहरादून के रायवाला में 20.5 मिमी, टिहरी के चंबा में 19.5 मिमी और चकराता में 18.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
प्रशासन की तैयारी और राहत कार्यों की स्थिति
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) 24 घंटे एक्टिव मोड में है। सभी जिलाधिकारियों, उपजिलाधिकारियों और तहसील स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने मुख्यालयों में मुस्तैद रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस बल को संवेदनशील प्वाइंट्स पर तैनात किया गया है। मौसम संबंधी रियल-टाइम अलर्ट वायरलेस, सोशल मीडिया और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के जरिए सीधे जनता तक पहुंचाए जा रहे हैं ताकि समय रहते आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा सकें। आमजन से भी अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन के आधिकारिक बुलेटिन का ही पालन करें।
