ऋषिकेश:
तीर्थनगरी ऋषिकेश के समीप मुनिकीरेती क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ ब्रह्मानंद मोड़ के पास एक तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 20 मीटर नीचे खेतों में जा गिरा। इस हादसे की चपेट में आने से डंपर के चालक और सड़क किनारे झोपड़ी में रह रही एक बेकसूर महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
मोड़ पर खोया नियंत्रण, 20 मीटर नीचे गिरा डंपर
मिली जानकारी के अनुसार, यह दिल दहला देने वाला हादसा भद्रकाली तिराहे से ब्रह्मानंद मोड़ की ओर जाने वाले मार्ग पर हुआ। एसडीआरएफ (SDRF) के इंस्पेक्टर कवींद्र सजवान ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि एक डंपर भद्रकाली तिराहे से होकर ब्रह्मानंद मोड़ की तरफ आगे बढ़ रहा था।
जैसे ही डंपर ब्रह्मानंद मोड़ के पास पहुँचा, तीखे मोड़ पर चालक अचानक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। रफ्तार तेज होने के कारण भारी-भरकम डंपर अनियंत्रित हो गया और पूरी रफ्तार के साथ सड़क सुरक्षा के लिए लगाए गए कंक्रीट के दो बड़े डिवाइडरों को तोड़ते हुए लगभग 20 मीटर नीचे खेतों में जा गिरा।
कंक्रीट के भारी डिवाइडरों के नीचे दबी महिला
डंपर की टक्कर इतनी जोरदार थी कि सड़क किनारे लगे कंक्रीट के भारी-भरकम डिवाइडर उखड़कर सड़क के बाईं ओर नीचे बनी एक झोपड़ी पर जा गिरे। उस वक्त झोपड़ी के भीतर एक महिला मौजूद थी। कंक्रीट के मलबे और भारी डिवाइडरों की सीधी चपेट में आने के कारण झोपड़ी पूरी तरह जमींदोज हो गई और महिला मलबे के नीचे बुरी तरह दब गई। चोटें इतनी गंभीर थीं कि महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वहीं दूसरी ओर, डंपर के पलटते ही चालक भी वाहन के भारी केबिन के नीचे दब गया, जिसके कारण उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। एक ही पल में हंसते-खेलते दो परिवारों की खुशियाँ मातम में बदल गईं।
स्थानीय लोगों और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की तेज आवाज सुनकर आस-पास के स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मदद के लिए घटना स्थल की ओर दौड़े। स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए डंपर के नीचे दबे चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया और उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
घटना की सूचना मिलते ही मुनिकीरेती थाना पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। झोपड़ी पर गिरे कंक्रीट के भारी डिवाइडरों को हटाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। एसडीआरएफ के जवानों ने कड़ी मशक्कत और तकनीकी उपकरणों की मदद से भारी मलबे को हटाया और उसके नीचे दबी महिला के शव को बाहर निकाला। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
मृतकों की हुई शिनाख्त
पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतकों की पहचान कर ली गई है:
• मृतक चालक: फारुख, निवासी- बहादरपुर, लक्सर (हरिद्वार)।
• मृतक महिला: कौशल्या (पत्नी सुरेश), निवासी- बावड़ी, शिवपुरी।
महिला की मौत की खबर सुनते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं चालक फारुख के परिवार को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है।
पहाड़ी रास्तों पर तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग पर उठते सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पर्वतीय और ढलान वाले मार्गों पर चलने वाले भारी वाहनों की गति और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ब्रह्मानंद मोड़ और भद्रकाली के आसपास के क्षेत्रों में कई बार भारी वाहन बेहद लापरवाही और तेज गति से चलाए जाते हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। सड़क किनारे रहने वाले गरीब और राहगीर अक्सर इन अनियंत्रित वाहनों का शिकार बनते हैं।
मुनिकीरेती पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है कि क्या यह दुर्घटना डंपर के ब्रेक फेल होने की वजह से हुई या चालक की लापरवाही के कारण। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
