यूसीसी उत्तराखंड: पंजीकरण की सूचना की गोपनीयता को प्राथमिकता
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) 2024 के तहत सूचनाओं की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इस कानून में यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी व्यक्ति की निजी जानकारी, जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, धर्म, जाति आदि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होगी। यूसीसी के तहत दी जाने वाली सेवाओं के लिए दी जाने वाली जानकारी किसी भी स्तर पर साझा नहीं की जाएगी। केवल पंजीकरण संख्या ही सार्वजनिक की जाएगी, और यह पोर्टल के डैशबोर्ड पर दिखाई देगी।
सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सख्त प्रावधान
अपर सचिव गृह, निवेदिता कुकरेती ने बताया कि समान नागरिक संहिता में सूचनाओं की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं। पंजीकरण के दौरान दी गई जानकारी किसी तीसरे पक्ष को नहीं दी जाएगी। केवल पंजीकरण संख्या को सार्वजनिक किया जाएगा, जो वेबसाइट पर आसानी से देखी जा सकेगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति अपनी जानकारी का दुरुपयोग नहीं कर सके।
केवल आवेदक को ही मिलेगी जानकारी
इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति यूसीसी के तहत किसी सेवा के लिए आवेदन करता है, तो वही व्यक्ति अपने आवेदन से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकता है। वह या तो व्यक्तिगत रूप से या किसी अन्य व्यक्ति के साथ संयुक्त रूप से आवेदन कर सकता है। अन्य कोई व्यक्ति इस जानकारी तक नहीं पहुंच सकेगा।
थाना पुलिस को जानकारी, लेकिन सीमित पहुंच
अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती के अनुसार, यूसीसी के तहत पंजीकरण की जानकारी केवल थाना पुलिस को रिकॉर्ड के तौर पर भेजी जाएगी। पुलिस के पास इस जानकारी तक पहुंच केवल संबंधित थाना प्रभारी और एसएसपी की निगरानी में ही होगी। यदि किसी भी स्तर पर सूचनाओं का दुरुपयोग होता है, तो इसके खिलाफ संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार, समान नागरिक संहिता के तहत पंजीकरण और सूचनाओं की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाए गए हैं, ताकि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी का गलत इस्तेमाल न हो सके।