देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के लिए 14 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने प्रस्तावित दून दौरे के दौरान शहर की सबसे बड़ी समस्या ‘ट्रैफिक जाम’ पर प्रहार करते हुए रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना का शिलान्यास करेंगे। करीब 6200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाली यह परियोजना न केवल दून की सूरत बदलेगी, बल्कि आने वाले दशकों के लिए यातायात व्यवस्था का आधुनिक ढांचा भी तैयार करेगी।
विकास की त्रिवेणी: लोकार्पण और शिलान्यास
प्रधानमंत्री का यह दौरा उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान पीएम मोदी केवल रिस्पना-बिंदाल प्रोजेक्ट की नींव ही नहीं रखेंगे, बल्कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और टिहरी जल विद्युत परियोजना के पंपिंग हाउस जैसी बड़ी योजनाओं का लोकार्पण कर जनता को समर्पित भी करेंगे।
26 किलोमीटर लंबा ‘स्पीड कॉरिडोर’
रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर बनने वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 26 किलोमीटर लंबा होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा निर्मित की जाने वाली इस परियोजना को दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है:
• बिंदाल नदी कॉरिडोर: इसकी लंबाई लगभग 14 किलोमीटर होगी।
• रिस्पना नदी कॉरिडोर: इसकी लंबाई लगभग 12 किलोमीटर होगी।
यह पूरा मार्ग फोरलेन (4-Lane) होगा, जिसे 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।
जाम से मिलेगी मुक्ति, आधे समय में होगा सफर
देहरादून की भौगोलिक स्थिति और बढ़ती आबादी के कारण घंटाघर, राजपुर रोड और आईएसबीटी जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है।
• रूट मैप: यह कॉरिडोर कारगी से शुरू होकर ब्राह्मणवाला, निरंजनपुर, विजयपुर, जाखन होते हुए सीधे मसूरी रोड के मालसी क्षेत्र तक पहुंचेगा।
• समय की बचत: वर्तमान में जिन दूरियों को तय करने में 30 से 45 मिनट का समय लगता है, इस एलिवेटेड रोड के बनने के बाद वह सफर मात्र 10 से 12 मिनट में सिमट जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी की सक्रियता लाई रंग
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, इस महापरियोजना के पीछे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरगामी सोच और केंद्र से निरंतर समन्वय की बड़ी भूमिका है। पिछले दिनों दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष दून के जाम का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि पर्यटन और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस शहर को अब एक वैकल्पिक तेज मार्ग की सख्त आवश्यकता है।
परियोजना के मुख्य लाभ: एक नजर में
• वैकल्पिक मार्ग: शहर के भीतर मुख्य सड़कों पर निर्भरता कम होगी।
• पर्यटन को बढ़ावा: दिल्ली और अन्य राज्यों से मसूरी जाने वाले पर्यटकों को शहर के जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
• इमरजेंसी सेवाएं: एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए यह मार्ग एक लाइफलाइन साबित होगा।
• पर्यावरण संरक्षण: ट्रैफिक स्मूथ होने से वाहनों का ईंधन बचेगा और प्रदूषण में कमी आएगी।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां तेज
प्रधानमंत्री के आगमन और शिलान्यास कार्यक्रम को देखते हुए शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। परियोजना स्थल और प्रस्तावित रूट का भूमि सत्यापन व पुनर्वास की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर खुफिया इकाइयां और पुलिस बल लगातार मॉक ड्रिल और रूट समीक्षा कर रहे हैं।
निष्कर्ष
रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड केवल एक सड़क नहीं, बल्कि देहरादून के ‘स्मार्ट सिटी’ बनने के सपने की ओर एक बड़ा कदम है। 14 अप्रैल को जब प्रधानमंत्री इसकी आधारशिला रखेंगे, तो वह दूनवासियों के लिए सुगम और सुरक्षित सफर के एक नए युग की शुरुआत होगी।
