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देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट को अब भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (ऐरा) ने बड़े एयरपोर्ट के रूप में मान्यता दे दी है। यह मान्यता एयरपोर्ट पर प्रति वर्ष 40 लाख यात्रियों की क्षमता के आधार पर दी गई है, जो एयरपोर्ट के विकास और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। इसके बाद अब दून एयरपोर्ट का मुकाबला अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट से होने लगेगा।

 

अब देहरादून एयरपोर्ट पर ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण (सीएसआई) के बजाय एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (एएसक्यू) सर्वेक्षण किया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होता है। इससे पहले, सीएसआई सर्वेक्षण देशभर के एयरपोर्ट्स में किया जाता था, लेकिन एएसक्यू सर्वेक्षण अब पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 18 देशों के 98 एयरपोर्ट्स पर होगा, जिसमें भारत के लगभग 15 एयरपोर्ट भी शामिल हैं।

 

पिछले कुछ वर्षों में देहरादून एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है। कोविड से पहले जहां यह संख्या 13 लाख से कम थी, वहीं 2020-2023 के बीच यह 15 लाख से अधिक हो गई। 2024 में यात्रियों की संख्या 30 लाख तक पहुंचने के बाद अब यह 40 लाख प्रतिवर्ष तक पहुंच चुकी है, जिससे एयरपोर्ट को ऐरा द्वारा बड़े एयरपोर्ट का दर्जा मिल गया है।

 

यह मान्यता देहरादून एयरपोर्ट के लिए एक बड़ी सफलता है और इससे एयरपोर्ट के दायित्वों और चुनौतियों में भी इजाफा हुआ है। इसके साथ ही, अब इस एयरपोर्ट पर तीन महीने में एक बार एएसक्यू सर्वेक्षण किया जाएगा, जो पहले के सीएसआई सर्वेक्षण से अधिक कठिन और प्रतिस्पर्धी होगा।

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