ऋषिकेश/हरिद्वार:
देवभूमि उत्तराखंड में पावन ‘चारधाम यात्रा 2026’ का औपचारिक आगाज हो गया है। श्रद्धा और उत्साह के बीच आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऋषिकेश से यात्री वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। प्रशासन ने इस वर्ष की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए “पिलग्रिम फ्री” (बाधारहित तीर्थयात्रा) अनुभव देने का लक्ष्य रखा है।
पंजीकरण केंद्रों पर उमड़ा जनसैलाब
यात्रा के आधिकारिक शुभारंभ के साथ ही ट्रांजिट कैंप और विभिन्न पंजीकरण केंद्रों पर तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। शनिवार सुबह 6 बजे से ही पंजीकरण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया।
• काउंटरों की व्यवस्था: पंजीकरण प्रभारी प्रेमानंद के अनुसार, कुल 30 काउंटर खोले गए हैं, जिनमें से 24 ट्रांजिट कैंप और 6 काउंटर आईएसबीटी ऋषिकेश में संचालित हो रहे हैं।
• नेपाल से आए पहले यात्री: खास बात यह रही कि इस बार सबसे पहले नेपाल से आए 30 श्रद्धालुओं के दल ने अपना पंजीकरण कराया। श्रद्धालुओं ने प्रशासन द्वारा की गई स्वास्थ्य जांच और सुविधाओं की सराहना की।
• हरिद्वार में भव्य स्वागत: हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान स्थित ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र में मध्य प्रदेश के शहडोल से आए यात्रियों ने पहला पंजीकरण कराया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा का निर्वहन करते हुए यात्रियों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया।
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प्रशासनिक मुस्तैदी और ‘ग्रीन कार्ड’ की सख्ती
चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एसडीएम ऋषिकेश योगेश मेहरा ने स्पष्ट किया कि यात्रा मार्ग से अतिक्रमण हटाने और अवैध स्टैंडों को ध्वस्त करने की कार्रवाई तुरंत अमल में लाई जाएगी।
परिवहन विभाग की नई गाइडलाइंस:
बैठक के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने जानकारी दी कि डग्गामार (अवैध) वाहनों को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं:
• टोल पर्ची अनिवार्य: केवल उन्हीं वाहनों का ‘ग्रीन कार्ड’ बनाया जा रहा है जिनकी उसी दिन की टोल पर्ची उपलब्ध है।
• बाहरी राज्यों के वाहन: दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए केवल 15 दिन की अवधि का ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा।
• नया परिवहन नियम: इस वर्ष के नियम के अनुसार, राज्य के वाहन यात्रियों को राज्य के भीतर से ही उठाएंगे और वापस वहीं छोड़ेंगे, ताकि स्थानीय परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
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श्रद्धालुओं की आवाज: “बाबा केदार की कृपा से यहाँ आना सुखद”
नेपाल से आए तीर्थयात्री खेमराज सुवेदी ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “हम पहली बार उत्तराखंड आए हैं। यहाँ प्रशासन ने न केवल हमारे पंजीकरण की प्रक्रिया आसान बनाई, बल्कि निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और दवाइयां भी उपलब्ध कराईं।” वहीं, राधा कृष्ण घिमिरे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि वे हर साल बाबा केदार के दर्शन के लिए आना चाहते हैं।
धार्मिक अनुष्ठान और सुरक्षा का संगम
यात्रा की निर्विघ्न संपन्नता के लिए परिवहन विभाग ने भद्रकाली मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की।
एआरटीओ प्रशासन रावत सिंह कटारिया और एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने संयुक्त रूप से पूजा कर सभी यात्रियों की मंगलमयी यात्रा की कामना की।
दूसरी ओर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसपी देहात जया बलूनी ने ट्रांसपोर्टरों के साथ संवाद किया। ट्रांसपोर्टरों ने मांग की है कि यात्रा के दौरान निजी और अवैध वाहनों के संचालन पर सख्ती से रोक लगाई जाए ताकि वैध ऑपरेटरों और यात्रियों को असुविधा न हो।
मुख्य बिंदु: एक नजर में
सुविधा/व्यवस्था
विवरण
कुल पंजीकरण काउंटर
30 (ऋषिकेश एवं आईएसबीटी)
पंजीकरण का समय
सुबह 6:00 बजे से शाम तक
मुख्य अतिथि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (हरी झंडी समारोह)
स्वास्थ्य सुविधा
केंद्रों पर तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण
अतिक्रमण हटाओ अभियान
ऋषिकेश शहर और मुख्य मार्गों पर विशेष फोकस
निष्कर्ष
उत्तराखंड सरकार का इस बार मुख्य ध्यान ‘क्राउड मैनेजमेंट’ और ‘टेक्नोलॉजी’ के समन्वय पर है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि देश-विदेश से आने वाला हर श्रद्धालु देवभूमि से एक सुखद और आध्यात्मिक स्मृति लेकर जाए। ऋषिकेश और हरिद्वार के केंद्रों पर दिख रहा उत्साह इस बात का प्रमाण है कि 2026 की यह चारधाम यात्रा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार है।







