हरिद्वार। देवभूमि उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का बिगुल बज चुका है। जहाँ एक ओर ऑनलाइन पंजीकरण पहले से ही जारी थे, वहीं अब हरिद्वार के ऐतिहासिक ऋषिकुल मैदान में ऑफलाइन पंजीकरण (Offline Registration) की प्रक्रिया भी विधिवत रूप से शुरू हो गई है। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पंजीकरण खिड़की खुलते ही यात्रियों का तांता लग गया।
फूल-मालाओं से स्वागत, भक्तिमय हुआ माहौल
पंजीकरण के पहले दिन का नजारा किसी उत्सव से कम नहीं था। सुबह 7 बजे से ही देश के कोने-कोने से आए तीर्थयात्री ऋषिकुल मैदान पहुंचने लगे। प्रशासन की ओर से यात्रियों के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। हरिद्वार के जिलाधिकारी (DM) मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने खुद केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कतारों में लगे श्रद्धालुओं का फूल-मालाएं पहनाकर आत्मीय स्वागत किया और उन्हें सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं। प्रशासन के इस व्यवहार से यात्री गदगद नजर आए।
पहले दो घंटों का रिपोर्ट कार्ड: 150 से अधिक पंजीकरण
पंजीकरण प्रक्रिया सुबह 7 बजे शुरू हुई और शुरुआती दो घंटों (सुबह 9 बजे तक) के भीतर ही लगभग 150 श्रद्धालुओं ने अपना पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया। दोपहर होते-होते यह संख्या तेजी से बढ़ने लगी। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुविधा के लिए यहाँ 20 विशेष काउंटर स्थापित किए गए हैं, ताकि किसी को भी लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े और प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे।
स्वास्थ्य जांच और मोबाइल टीमों की तैनाती
चारधाम यात्रा की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया है।
• हेल्थ चेकअप: ऋषिकुल मैदान परिसर में ही स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है। पंजीकरण से पहले या बाद में यात्री अपनी सेहत की जांच करवा सकते हैं।
• 15 मोबाइल टीमें: बड़े समूहों, आश्रमों और धर्मशालाओं में ठहरे यात्रियों की सुविधा के लिए 15 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें सीधे यात्रियों के ठहरने के स्थान पर जाकर उनका पंजीकरण करेंगी, जिससे केंद्रों पर भीड़ कम होगी।
पंजीकरण के लिए अनिवार्य दस्तावेज (Documentation)
यदि आप भी ऑफलाइन पंजीकरण के लिए जा रहे हैं, तो अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेजों में से कोई भी एक पहचान पत्र मूल रूप (Original) और छायाप्रति (Photocopy) के साथ जरूर रखें:
• आधार कार्ड (Aadhaar Card)
• पैन कार्ड (PAN Card)
• ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License)
• वोटर आईडी (Photo ID Proof)
जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुशील नौटियाल ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी वैध दस्तावेज साथ लाएं ताकि मौके पर कोई असुविधा न हो।
यात्रा का शेड्यूल: 19 अप्रैल से खुलेंगे कपाट
चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा।
• रवानगी: ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण करा चुके यात्रियों का पहला जत्था शनिवार, 18 अप्रैल को हरिद्वार से धामों के लिए प्रस्थान करेगा।
• ऑनलाइन की स्थिति: बता दें कि ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 6 मार्च से ही शुरू हो चुकी थी, जिसमें अब तक लाखों श्रद्धालु अपना स्लॉट बुक कर चुके हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुझाव
प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे उत्तराखंड के मौसम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों की गाइडलाइंस का पालन करें। अपनी दवाइयां, गर्म कपड़े और पंजीकरण कार्ड हमेशा साथ रखें। बिना पंजीकरण के यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी, इसलिए ऋषिकुल मैदान पहुंचकर या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।
निष्कर्ष:
ऋषिकुल मैदान में शुरू हुई यह ऑफलाइन सुविधा उन यात्रियों के लिए वरदान साबित हो रही है जो तकनीक से कम परिचित हैं या जो अचानक यात्रा का मन बनाकर हरिद्वार पहुंचे हैं। प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था इस बार एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा की ओर इशारा कर रही है।

