रुड़की (हरिद्वार): देवभूमि उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। रुड़की के भंगेड़ी क्षेत्र स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में इलाज के लिए भर्ती युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई है। मृतक का शव केंद्र के भीतर ही शौचालय (टॉयलेट) में पाया गया, जिसके गले पर धारदार हथियार से वार किए जाने के गहरे निशान मिले हैं। इस घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और नशा मुक्ति केंद्रों की सुरक्षा और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लक्सर क्षेत्र के बसेड़ी गांव का निवासी 37 वर्षीय आशीष पिछले कुछ समय से नशे की लत से जूझ रहा था। उसके परिजनों ने आशीष को इस दलदल से बाहर निकालने और बेहतर भविष्य की उम्मीद में करीब तीन माह पहले सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र के भंगेड़ी स्थित एक निजी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। परिजनों को उम्मीद थी कि यहां रहकर आशीष पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटेगा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस जगह उसे जिंदगी बचाने के लिए भेजा गया है, वहीं उसकी मौत इंतजार कर रही है।
मंगलवार की देर रात नशा मुक्ति केंद्र में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब शौचालय के भीतर आशीष का लहुलुहान शव मिला। घटना की जानकारी मिलते ही केंद्र के संचालक ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया।
धारदार हथियार से गले पर वार
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस को आशीष का शव शौचालय के फर्श पर पड़ा मिला। प्राथमिक जांच में मृतक के गले पर किसी धारदार हथियार से हमला किए जाने की बात सामने आई है। घटनास्थल के हालात चीख-चीख कर गवाही दे रहे थे कि आशीष की हत्या बड़े ही बेरहमी से की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया है।
परिजनों का आरोप: साथी मरीज पर शक
आशीष की मौत की खबर मिलते ही बसेड़ी गांव से उसके परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के परिवार ने नशा मुक्ति केंद्र के ही एक अन्य मरीज पर हत्या का शक जाहिर किया है। उनका कहना है कि केंद्र के भीतर बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के इस तरह की वारदात को अंजाम देना मिलीभगत या सुरक्षा में बड़ी चूक का नतीजा है। परिजनों ने मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।
पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात शेखर चन्द्र सुयाल खुद जांच की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि परिजनों की तहरीर और शक के आधार पर मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है। पुलिस फिलहाल निम्नलिखित बिंदुओं पर काम कर रही है:
• सीसीटीवी फुटेज: पुलिस केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना के समय की गतिविधियों का पता चल सके।
• पूछताछ: नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, वहां तैनात स्टाफ और भर्ती अन्य मरीजों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है।
• हथियार की बरामदगी: जिस धारदार हथियार से गला रेता गया है, उसकी तलाश की जा रही है।
• विवाद का एंगल: क्या आशीष का केंद्र के भीतर किसी मरीज या स्टाफ के साथ कोई झगड़ा हुआ था, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
नशा मुक्ति केंद्रों पर उठते सवाल
उत्तराखंड में हाल के वर्षों में नशा मुक्ति केंद्रों की बाढ़ सी आ गई है, लेकिन कई केंद्र मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे हैं। रुड़की की इस घटना ने एक बार फिर इन केंद्रों के भीतर के माहौल पर सवालिया निशान लगा दिया है। क्या वहां भर्ती मरीजों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे? धारदार हथियार केंद्र के अंदर कैसे पहुंचा? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अब पुलिस को ढूंढना है।
इलाके में तनाव का माहौल
इस हत्याकांड के बाद भंगेड़ी और आसपास के क्षेत्रों में तनाव और शोक का माहौल है। ग्रामीण इस बात से आक्रोशित हैं कि सुधार गृह कहे जाने वाले केंद्रों में भी लोग सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा और जो भी दोषी होगा, उसे सख्त सजा दिलाई जाएगी।
फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक समय और हमले की प्रकृति के बारे में तकनीकी जानकारी मिल सके। इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार की उम्मीदों को तोड़ दिया है, जिसने अपने बेटे को नशे से बचाने के लिए केंद्र भेजा था।

