नई दिल्ली: देश की राजधानी के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाला वाक्या सामने आया। दिल्ली से ज्यूरिख (Zurich) के लिए उड़ान भरने को तैयार स्विस एयर (Swiss Air) की फ्लाइट LX147 के इंजन में टेक-ऑफ के दौरान अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना के बाद विमान के अंदर और रनवे पर हड़कंप मच गया। हालांकि, पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय के कारण एक बड़ी तबाही टल गई। आपातकालीन निकासी के दौरान 6 यात्री घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
कैसे हुआ हादसा: 104 नॉट्स की रफ्तार पर धमाका
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात स्विस एयर का विमान संख्या LX147 रनवे पर अपनी पूरी गति के साथ दौड़ रहा था। विमान हवा में उठने ही वाला था और उसकी रफ्तार लगभग 104 नॉट्स (करीब 192 किमी प्रति घंटा) तक पहुंच गई थी। इसी महत्वपूर्ण मोड़ पर विमान के बाएं इंजन (इंजन नंबर 1) में तेज तकनीकी खराबी आई और उसमें से आग की लपटें निकलने लगीं। अचानक हुए इस धमाके ने विमान के अंदर बैठे 232 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के होश उड़ा दिए।
पायलट की सूझबूझ: ‘एबॉर्ट टेक-ऑफ’ ने बचाई जान
विमान टेक-ऑफ के उस बिंदु पर था जहाँ से रुकना जोखिम भरा हो सकता था, लेकिन इंजन में आग के संकेत मिलते ही पायलट ने सेकंडों के भीतर ‘एबॉर्ट टेक-ऑफ’ (उड़ान रद्द करने) का साहसिक निर्णय लिया। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए, जिससे विमान रनवे संख्या 28 के सुरक्षित दायरे में रुक गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विमान ने उड़ान भर ली होती, तो हवा में आग पर काबू पाना और भी मुश्किल हो जाता और परिणाम विनाशकारी हो सकते थे।
इमरजेंसी स्लाइड से रेस्क्यू: निकासी के दौरान 6 यात्री घायल
विमान के रुकते ही हवाई अड्डे की ‘फायर एंड रेस्क्यू’ टीम और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यात्रियों को विमान के पिछले हिस्सों और पंखों के पास स्थित ‘इमरजेंसी स्लाइड्स’ (आपातकालीन ढलान) के जरिए बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।
दहशत के माहौल में तेजी से बाहर निकलने की कोशिश में 6 यात्री स्लाइड से गिरकर घायल हो गए और मामूली रूप से झुलस गए। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को हवाई अड्डे पर प्राथमिक चिकित्सा दी गई और उसके बाद बेहतर इलाज के लिए गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि सभी यात्री खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
रनवे संख्या 28 बंद, अन्य उड़ानों पर पड़ा असर
इस हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से आईजीआई एयरपोर्ट के रनवे संख्या 28 को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। रनवे पर विमान के खड़े होने और फोरेंसिक जांच के कारण अन्य अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के परिचालन पर असर पड़ा है। कई उड़ानों को वैकल्पिक रनवे पर डायवर्ट किया गया है, जिससे कुछ विमानों के समय में देरी हुई है।
स्विस एयर का प्रबंधन और यात्रियों के लिए टास्क फोर्स
स्विस एयरलाइंस ने इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए यात्रियों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया है। एयरलाइन ने फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए एक विशेष ‘टास्क फोर्स’ तैनात की है। यात्रियों के रहने के लिए पास के होटलों में व्यवस्था की गई है और उन्हें जल्द से जल्द ज्यूरिख भेजने के लिए वैकल्पिक उड़ानों का इंतजाम किया जा रहा है।
उच्च स्तरीय जांच शुरू
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इंजन में आग लगने के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए विमान के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) की जांच की जाएगी। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि क्या विमान के रखरखाव (Maintenance) में कोई चूक हुई थी।
समरी( Summary)
दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर ज्यूरिख जा रही स्विस एयर की फ्लाइट LX147 के इंजन में टेक-ऑफ के दौरान आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। पायलट ने 104 नॉट्स की गति पर तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर 232 यात्रियों की जान बचाई। इमरजेंसी स्लाइड से निकासी के दौरान 6 यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल रनवे 28 बंद है और जांच जारी है।







