नई दिल्ली (Live Almora )। देश की राजधानी दिल्ली के दक्षिण इलाके से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बुधवार सुबह मालवीय नगर के हौजरानी इलाके में स्थित ‘लेमन ग्रीन’ रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस (Flourish Stay B&B) की इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मृतकों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें से ज्यादातर अफ्रीकी देशों के बताए जा रहे हैं।
धुएं और आग की लपटों से घिरी पांच मंजिला इमारत से जान बचाने के लिए कई लोगों ने खिड़कियों से नीचे छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
सुबह नाश्ते के समय हुआ हादसा, गहरी नींद में थे लोग
live almora के अनुसार, यह भयानक हादसा बुधवार सुबह करीब 8:30 से 8:50 बजे के बीच हुआ। उस वक्त रेस्टोरेंट के ऊपर बने गेस्ट हाउस (बेड एंड ब्रेकफास्ट सुविधा) में ठहरे ज्यादातर लोग गहरी नींद में सो रहे थे, जबकि नीचे रेस्टोरेंट में सुबह के नाश्ते की तैयारी चल रही थी। घटना के समय पूरी इमारत में 60 से अधिक लोग मौजूद थे।
आग सबसे पहले बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर स्थित रेस्टोरेंट से शुरू हुई और देखते ही देखते इसने पूरी पांच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इमारत संकरी गली में होने और वेंटिलेशन की कमी के कारण कुछ ही मिनटों में चारों तरफ जहरीला और काला धुआं फैल गया, जिससे लोगों को बाहर निकलने का रास्ता ही नहीं मिला।
जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से कूदे लोग, स्थानीय नागरिकों ने दिखाई बहादुरी
इमारत के भीतर फंसे लोगों में इस कदर चीख-पुकार मच गई कि जान बचाने के लिए वे खिड़कियों की तरफ भागे। आग की विकराल लपटों और दम घोटने वाले धुएं से बचने के लिए कई लोग ऊपर की मंजिलों से नीचे कूदने लगे।
इस संकट की घड़ी में स्थानीय निवासियों ने अद्भुत साहस का परिचय दिया। पास की दुकानों और घरों से लोग तुरंत गद्दे उठाकर लाए और सड़क पर बिछा दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक महिला ने तीसरी मंजिल से अपने छोटे बच्चे के साथ नीचे बिछे गद्दों पर छलांग लगाई, जिससे उनकी जान बच सकी। स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
मैक्स अस्पताल के पास होने के कारण तीमारदारों का था ठिकाना
यह गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट साकेत के मशहूर मैक्स अस्पताल के ठीक सामने स्थित है। अस्पताल नजदीक होने के कारण यहां इलाज कराने आने वाले देश-विदेश के मरीजों के तीमारदार (रोगी के सहायक) और रिश्तेदार अक्सर रुकते थे। यही कारण था कि हादसे के वक्त यहां बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक मौजूद थे, जो अपने परिजनों के इलाज के सिलसिले में दिल्ली आए हुए थे।
सुरक्षा मानकों की उड़ी धज्जियां: 6 कमरों की अनुमति पर चल रहे थे 25 कमरे
हादसे के बाद प्रशासनिक जांच में बड़े खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों और शुरुआती जांच के मुताबिक, इस इमारत (फ्लोरिश स्टे बीएंडबी) को बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम के तहत केवल 6 कमरों को संचालित करने की मंजूरी मिली थी। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर यहां लगभग 24 से 25 कमरे अवैध रूप से चलाए जा रहे थे। बेसमेंट में भी कई कमरे बनाए गए थे, जहां लोग ठहरे हुए थे। इमारत के मालिक की पहचान लोकेश बजाज के रूप में हुई है, जो कुछ अन्य पार्टनर्स के साथ मिलकर इसे ऑपरेट कर रहा था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और बचाव कार्य
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) को सुबह 8:50 बजे आग की सूचना मिली, जिसके बाद नेहरू प्लेस फायर स्टेशन के डिविजनल ऑफिसर (DO) रविंदर की देखरेख में दमकल की 10 से अधिक गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।
• रेस्क्यू ऑपरेशन: दमकलकर्मियों ने बेहद कठिन परिस्थितियों और ‘जीरो विजिबिलिटी’ के बीच इमारत में प्रवेश किया। फायर ब्रिगेड की टीम ने बेसमेंट में फंसे 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
• अस्पताल में भर्ती: पुलिस और आपदा प्रबंधन (DDMA) की मदद से 40 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर तुरंत नजदीकी मैक्स अस्पताल, एम्स (AIIMS) और पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख
इस भीषण त्रासदी पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा शोक व्यक्त किया है:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया पर लिखा— “दिल्ली के मालवीय नगर में आग की घटना में हुई जानों का नुकसान अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि (PMNRF से) देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अस्पताल का दौरा करने की बात कही और कहा— “दिल्ली सरकार इस दुख की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। सभी घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराया जा रहा है।”
स्थानीय भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय और आपदा प्रबंधन की टीमों ने मौके पर रहकर स्थिति को संभाला। अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन कूलिंग ऑपरेशन और सर्च अभियान अभी भी जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे में कोई और न फंसा हो। हादसे के असल कारणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है।

