उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है। हल्द्वानी की वीर भूमि से देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने न केवल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार साल के रिपोर्ट कार्ड को सराहा, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए एक बड़ी भविष्यवाणी भी कर दी है। राजनाथ सिंह ने धामी को राजनीति का ऐसा ‘धुरंधर’ बताया है जो आने वाले चुनाव में ‘सिक्सर’ लगाकर भाजपा की जीत की हैट्रिक सुनिश्चित करेंगे।
क्रिकेट की पिच और राजनीति के धुरंधर
राजनाथ सिंह अपनी वाकपटुता और सटीक उपमाओं के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के चुनावों के दौरान उन्होंने धामी को ‘धाकड़’ बल्लेबाज कहा था। अब, चार साल के शासन के बाद, उनकी कार्यशैली को देखते हुए राजनाथ सिंह ने उन्हें ‘धुरंधर’ की उपाधि दी है।
उन्होंने खेल की भाषा में समझाते हुए कहा कि धामी ने अपने पहले चार वर्षों के कार्यकाल में विकास का ‘चौका’ जड़ दिया है। 2027 तक जब उनका कार्यकाल छह साल का होगा, तब वे अपनी उपलब्धियों का ‘छक्का’ लगाकर विरोधियों को पस्त कर देंगे। यह बयान न केवल धामी के नेतृत्व पर मुहर लगाता है, बल्कि कार्यकर्ताओं में नया जोश भी भरता है।
विकास का ‘उत्तराखंड मॉडल’
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में उन प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला जिन्होंने उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है:
समान नागरिक संहिता (UCC): राजनाथ सिंह ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने इसे लागू करने का साहस दिखाया।
सख्त नकल विरोधी कानून: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ लाए गए देश के सबसे कड़े कानून की सराहना करते हुए उन्होंने इसे पारदर्शी व्यवस्था की नींव बताया।
अतिक्रमण पर प्रहार: राज्य की जनसांख्यिकीय पहचान को सुरक्षित रखने के लिए अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई को उन्होंने राज्य की सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया।
सैनिक कल्याण और बुनियादी ढांचा: ‘सैन्य धाम’ के रूप में पहचान बनाने वाले उत्तराखंड में सड़कों का जाल और सैनिकों के परिवारों के लिए शुरू की गई योजनाओं को उन्होंने केंद्र और राज्य के ‘डबल इंजन’ की सफलता करार दिया।
2027 की डगर और भाजपा की उम्मीदें
राजनाथ सिंह का यह आत्मविश्वास अकारण नहीं है। उत्तराखंड में परंपरागत रूप से सत्ता परिवर्तन का रिवाज रहा है, जिसे 2022 में भाजपा ने पहली बार तोड़ा था। अब 2027 में ‘सिक्सर’ की बात कहकर राजनाथ सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा धामी के चेहरे और उनके द्वारा लिए गए कड़े निर्णयों के दम पर ही मैदान में उतरेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने अपनी आर्थिकी को मजबूत करने और पर्यटन से आगे बढ़कर निवेश के नए केंद्र के रूप में उभरने की कोशिश की है। रक्षा मंत्री के अनुसार, उत्तराखंड अब केवल एक पहाड़ी राज्य नहीं रहा, बल्कि विकास के मामले में पूरे देश के लिए एक ‘रोल मॉडल’ बन रहा है।
निष्कर्ष
राजनाथ सिंह का धामी को ‘धुरंधर’ कहना केवल राजनीतिक प्रशंसा नहीं, बल्कि उनके कड़े प्रशासनिक निर्णयों का समर्थन है। अब देखना यह होगा कि क्या पुष्कर सिंह धामी 2027 की पिच पर राजनाथ सिंह की भविष्यवाणी को सच साबित कर पाते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह न केवल धामी के कद को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होगी।
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