चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक अत्यंत वीभत्स घटना सामने आई है। यहाँ एक 10वीं की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपियों की क्रूरता का आलम यह था कि उन्होंने किशोरी के हाथ-पैर बांधकर उसे निर्वस्त्र अवस्था में एक कमरे में ताला लगाकर छोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने भाजपा के एक मंडल उपाध्यक्ष, पूर्व प्रधान और उनके सहयोगियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सहेली की ‘मेहंदी’ में गई थी छात्रा
जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक 10वीं की छात्रा, जो पढ़ाई के साथ-साथ चंपावत में आइसक्रीम बेचकर अपने बीमार और बुजुर्ग पिता का सहारा बनती है, मंगलवार को लापता हो गई थी। परिजनों ने बताया कि वह अपनी सहेली की मेहंदी की रस्म में शामिल होने के लिए सल्ली गांव गई थी। दोपहर ढाई बजे तक जब वह घर नहीं लौटी, तो पिता ने उससे संपर्क किया। रात करीब डेढ़ बजे बेटी का एक फोन आया, लेकिन कुछ ही पलों में फोन बंद हो गया, जिससे पिता को किसी अनहोनी की आशंका हुई।
पुलिस ने कमरे का ताला तोड़कर किया बरामद
परिजनों की सूचना पर पुलिस ने तत्काल संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। देर रात पुलिस ने सल्ली गांव में एक बंद कमरे का ताला तोड़ा, जहाँ का दृश्य देखकर सबकी रूह कांप गई। छात्रा वहां निर्वस्त्र हालत में मिली और उसके हाथ-पैर रस्सियों से बंधे हुए थे। दरिंदों ने न केवल उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, बल्कि विरोध करने और घर फोन करने की कोशिश करने पर उसके साथ बुरी तरह मारपीट भी की थी।
सत्ताधारी दल के नेता समेत तीन नामजद
पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है:
• पूरन सिंह रावत: पूर्व प्रधान और वर्तमान में भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष।
• नवीन सिंह: जो डेयरी का काम करता है।
• विनोद सिंह रावत: जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।
चंपावत की पुलिस अधीक्षक (SP) रेखा यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2), 127(2), 351(2) और पॉक्सो एक्ट (POCSO) की धारा 5/G6 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। साक्ष्य संकलन के लिए फील्ड यूनिट को मौके पर भेजा गया है और पीड़िता की काउंसलिंग कराई जा रही है।
संघर्षों से भरी है पीड़िता की जिंदगी
यह मामला इसलिए भी अधिक संवेदनशील है क्योंकि पीड़िता के पिता 70 वर्ष के हैं और गंभीर रूप से बीमार हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी का देहांत तब हो गया था जब बेटी मात्र छह महीने की थी। 52 वर्ष की आयु में पिता बनने वाले इस बुजुर्ग ने मजदूरी और खेती-बाड़ी करके अपनी इकलौती संतान को पाला। आज वही बेटी आइसक्रीम बेचकर अपने बीमार पिता के इलाज और अपनी पढ़ाई का खर्च उठा रही थी। पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपियों के लिए कठोरतम सजा की मांग कर रहे हैं।
कोतवाली बना अखाड़ा, जमकर चले लात-घूंसे
घटना के बाद बुधवार सुबह चंपावत कोतवाली में भारी तनाव का माहौल देखने को मिला। जब पीड़ित पक्ष और पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत तहरीर देने पहुंचे, तो वहां मौजूद आरोपी पक्ष के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। देखते ही देखते कोतवाली परिसर युद्ध का मैदान बन गया। करीब 8 से 10 लोगों ने पीड़ित पक्ष के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। पुलिस ने बीच-बचाव करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और हमलावरों के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की है।
जनता में भारी आक्रोश
इस घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों में शासन और प्रशासन के प्रति भारी रोष है, विशेषकर एक राजनीतिक पद पर बैठे व्यक्ति की संलिप्तता ने मामले को और गंभीर बना दिया है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक पीड़िता के लिए न्याय की मांग उठ रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
मुख्य बिंदु:
• स्थान: सल्ली गांव, चंपावत (उत्तराखंड)।
• अपराध: सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट और अवैध बंधक बनाना।
• धाराएं: BNS और पॉक्सो एक्ट।
• वर्तमान स्थिति: पुलिस जांच जारी, आरोपियों की तलाश में छापेमारी

