हल्द्वानी (उत्तराखंड)। कहते हैं कि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी, लेकिन उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक युवक को महज 20 मिनट की लापरवाही इतनी भारी पड़ गई कि उसे दो लाख रुपये की चपत लग गई। पूरा मामला मुखानी थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवक बैंक से मोटी रकम निकालकर रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था। जब तक युवक अंदर खाने का स्वाद ले रहा था, तब तक बाहर शातिर चोरों ने उसकी स्कूटी का लॉक तोड़कर या उसे खोलकर डिग्गी में रखी पूरी नकदी साफ कर दी। इस सनसनीखेज चोरी के बाद से इलाके के व्यापारियों और आम जनता में हड़कंप मच गया है।
बैंक से निकलते ही चोरों ने बनाया निशाना!
मिली जानकारी के अनुसार, लखनपुर (गौलापार) के रहने वाले दीपक शर्मा 20 मई की सुबह अपने किसी निजी या व्यावसायिक काम के लिए बैंक से पैसे निकालने घर से निकले थे। सुबह करीब 11:30 बजे वह कुसुमखेड़ा स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा में पहुंचे। वहां से उन्होंने दो लाख रुपये की नकदी निकाली।
सुरक्षा के लिहाज से आमतौर पर लोग पैसों को बैग में रखकर कंधे पर टांगते हैं, लेकिन दीपक ने यहां एक बड़ी भूल कर दी। उन्होंने दो लाख रुपये के नोटों की गड्डियों को अपनी स्कूटी की डिग्गी के अंदर रख दिया और उसे लॉक कर दिया। उन्हें लगा कि डिग्गी के भीतर पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन वह इस बात से बिल्कुल अनजान थे कि कोई शातिर गिरोह बैंक के अंदर या बाहर से उन पर पैनी नजर रखे हुए था।
रेस्टोरेंट की पार्किंग में खड़ी थी स्कूटी, 20 मिनट में खेल खत्म
बैंक से नकदी निकालने के बाद दीपक शर्मा सीधे घर जाने के बजाय भोजन करने के लिए पीलीकोठी स्थित मशहूर फास्ट-फूड चेन ‘केएफसी’ (KFC) पहुंच गए। वक्त करीब 11:50 बजे का हो रहा था। उन्होंने अपनी स्कूटी को रेस्टोरेंट के बाहर बनी पार्किंग में खड़ा किया और खुद अंदर चले गए।
दीपक अंदर आराम से बैठकर भोजन करने में व्यस्त हो गए। इधर बाहर घात लगाए बैठे चोरों के लिए रास्ता बिल्कुल साफ था। चोरों ने मुस्तैदी दिखाते हुए बेहद शातिराना अंदाज में स्कूटी की डिग्गी को खोला और उसमें रखे दो लाख रुपये उड़ाकर रफूचक्कर हो गए। जब करीब 20-25 मिनट बाद दीपक खाना खाकर बाहर लौटे, तो स्थिति सामान्य थी। लेकिन जैसे ही उन्होंने किसी काम से अपनी स्कूटी की डिग्गी खोली, उनके होश उड़ गए। डिग्गी के अंदर रखे दो लाख रुपये गायब थे।
पीड़ित ने थाने में दी तहरीर, जांच में जुटी पुलिस
दिनदहाड़े और इतने व्यस्त इलाके में हुई इस बड़ी चोरी से दीपक शर्मा के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी को भी भनक नहीं लगी थी। इसके बाद पीड़ित ने सीधे मुखानी पुलिस थाने का रुख किया और अज्ञात चोरों के खिलाफ लिखित तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुखानी थानाध्यक्ष सुशील जोशी ने तुरंत पुलिस टीम को सक्रिय किया। पुलिस ने पीड़ित दीपक शर्मा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है।
’टारगेटेड रेकी’ की आशंका: सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
मुखानी पुलिस के मुताबिक, यह मामला साधारण चोरी का नहीं बल्कि ‘टारगेटेड रेकी’ का लग रहा है। पुलिस को अंदेशा है कि जब दीपक शर्मा एसबीआई बैंक के अंदर पैसे निकाल रहे थे, तभी चोरों ने उन्हें अपना निशाना चुन लिया था। चोरों ने बैंक से ही स्कूटी का पीछा करना शुरू किया होगा। जैसे ही दीपक पीलीकोठी स्थित केएफसी के अंदर गए और स्कूटी को अकेला छोड़ा, चोरों ने मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दे दिया।
थानाध्यक्ष सुशील जोशी ने बताया कि पुलिस ने केएफसी रेस्टोरेंट के आसपास, पार्किंग एरिया और बैंक से लेकर पीलीकोठी तक के रास्ते में लगे सभी सरकारी और निजी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस को कुछ संदिग्धों के सुराग मिलने की उम्मीद है और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आम जनता के लिए पुलिस की अपील: डिग्गी को न समझें लॉकर
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि दोपहिया वाहनों की डिग्गी पैसों को रखने के लिए सुरक्षित जगह नहीं है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि:
• बैंक से बड़ी रकम निकालते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें।
• नकदी को कभी भी गाड़ी की डिग्गी या हैंडल पर लटके थैले में छोड़कर कहीं न जाएं।
• यदि बैंक से मोटी रकम लेकर जा रहे हैं, तो सीधे अपने गंतव्य (घर या ऑफिस) पर जाएं, बीच रास्ते में गाड़ी खड़ी कर किसी दुकान या होटल में जाने से बचें।
• अपने आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर तुरंत सतर्क हों या पुलिस को सूचना दें।
हल्द्वानी के इस मामले ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था और बैंक परिसरों के आसपास मंडराने वाले ‘टप्पेबाज’ और ‘रेकी’ करने वाले गिरोहों को लेकर पुलिस की चुनौती बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि सीसीटीवी फुटेज के सहारे पुलिस इन शातिर चोरों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती है।
