फर्जी सहकारी समिति के नाम पर किया था धोखाधड़ी, पुलिस ने तीन साल बाद आरोपियों को पकड़ लिया
उत्तराखंड में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें 300 से ज्यादा लोगों से करीब 7 करोड़ रुपये ठगे गए। आरोपी, जो पिछले तीन साल से फरार थे, ने ‘देवभूमि बहुद्देशीय स्वावलंबी सहकारी समिति’ नामक एक फर्जी संस्था बनाई थी। इस संस्था के नाम पर लोगों से अधिक ब्याज और गारंटी का झांसा देकर पैसे वसूले गए थे।
फर्जी सहकारी समिति के नाम पर ठगी का खेल
वर्ष 2017 में आरोपितों ने ‘देवभूमि बहुद्देशीय स्वावलंबी सहकारी समिति’ के नाम पर निवेश योजनाएं शुरू की थीं, जिसमें रामनगर, हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों के करीब 300 लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई निवेश कर दी। आरोपियों ने कुल 6 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि एकत्र की और फिर फरार हो गए।
तीन साल बाद गिरफ्तारी
पुलिस ने तीन साल बाद तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी हेमचंद पंत और विकास दुर्गापाल को गिरफ्तार किया। हेमचंद पंत नैनीताल के हरिपुर नायक का निवासी है, जबकि विकास दुर्गापाल हल्द्वानी के डहरिया का रहने वाला है। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ रामनगर कोतवाली और मुखानी थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी के मामले दर्ज थे।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने अब जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की निवेश योजना में पैसे लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि इस तरह के मामलों से बचने के लिए आम जनता को सतर्क रहना चाहिए और ठगों के जाल में फंसने से बचना चाहिए।
यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि निवेश से पहले उसकी विश्वसनीयता को जांचना जरूरी है, ताकि आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।
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उत्तराखंड में 300 लोगों से 7 करोड़ रुपये की ठगी, फर्जी सहकारी समिति का पर्दाफाश
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