उधम सिंह नगर/किच्छा:
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के अंतर्गत आने वाले किच्छा-सितारगंज हाईवे पर मंगलवार रात पुरानी रंजिश के चलते खूनी खेल देखने को मिला। दबंगों द्वारा एक ट्रक चालक को निशाना बनाकर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस जानलेवा हमले के दौरान हमलावरों की एक गोली हाईवे से गुजर रही एक बेकसूर बाइक सवार महिला के कंधे में जा धंसी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पीड़ित ट्रक चालक की तहरीर पर नामजद आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी धरपकड़ के लिए तलाश तेज कर दी है।
पुरानी रंजिश बनी खूनी संघर्ष की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना पुरानी रंजिश और आपसी दुश्मनी का नतीजा है। मूल रूप से ग्राम पटेरी और वर्तमान में पुलभट्टा थाना क्षेत्र के ग्राम दोपहरिया में रहने वाले जगजीत सिंह पुत्र भूपेंद्र सिंह ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि आरोपियों के साथ उनका पुराना विवाद चल रहा है। इस रंजिश के कारण पूर्व में भी उन पर जानलेवा हमला किया जा चुका है, जिसकी एक प्राथमिकी उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर थाने में पहले से ही दर्ज है। इसी दुश्मनी को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार की रात आरोपियों ने एक बार फिर जगजीत सिंह को मौत के घाट उतारने की साजिश रची और हाईवे पर नाकाबंदी कर दी।
आधी रात को हाईवे पर फिल्मी अंदाज में घेराबंदी
जगजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि मंगलवार की रात वह अशोक लीलैंड कंपनी की एक नई चेसिस गाड़ी लेकर दोपहरिया गांव से मुंबई के खालापुर (पनवेल) के लिए रवाना हुआ था। जैसे ही वह रात के वक्त अपने गांव की सीमा से बाहर निकलकर मुख्य मार्ग पर पहुंचा, तो सड़क किनारे पहले से ही दो गाड़ियां घात लगाकर खड़ी थीं। इनमें एक ब्रेजा कार (नंबर यूके 04 डब्ल्यू 9901) और दूसरी बिना नंबर की स्विफ्ट कार शामिल थी।
गाड़ियों के पास उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम डिबडिबा निवासी जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी (पुत्र रामचंद्र चौधरी), हरमन (पुत्र बलदेव सिंह), विक्रमजीत (पुत्र सज्जन सिंह), निरंजन सिंह उर्फ नीरू और थाना भोट के मुल्लाखेड़ा निवासी सर्वजीत बजवा उर्फ साबा कार से बाहर निकले। जगजीत को देखते ही इन सभी दबंगों ने उसे जान से मारने की नीयत से सीधे फायरिंग शुरू कर दी।
जान बचाने को भागता रहा चालक, सिरौलीकला चौराहे पर दोबारा फायरिंग
हथियारबंद बदमाशों को सामने देख और गोलियों की आवाज सुनकर जगजीत सिंह ने सूझबूझ दिखाई और अपनी गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर वहां से भागने की कोशिश की। खुद को बचकर निकलता देख आगबबूला हुए बदमाशों ने अपनी कारों से ट्रक चेसिस का पीछा करना शुरू कर दिया। जब जगजीत सिंह सिरौलीकला चौराहे के पास पहुंचा, तो चौराहे पर भीड़ या मोड़ के कारण उसकी गाड़ी की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई। इसी का फायदा उठाकर पीछे से आ रहे हमलावरों ने अपनी चलती गाड़ियों से जगजीत पर दोबारा अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। जगजीत ने किसी तरह खुद को सीट के नीचे झुकाकर बचाया और गाड़ी को आगे भगाता रहा।
बेकसूर महिला बनी सामूहिक दुश्मनी का शिकार
हमलावरों से अपनी जान बचाकर भाग रहा जगजीत सिंह जब किच्छा-सितारगंज मार्ग पर स्थित खालसा ढाबे को पार कर गौला पुल पर पहुंचा, तो हमलावरों ने उसे रोकने के लिए एक और फायर झोंका। इस बार बदमाशों द्वारा चलाई गई गोली जगजीत सिंह के बगल से सनसनाती हुई निकल गई, लेकिन दुर्भाग्यवश उसी समय पुल से एक मोटरसाइकिल गुजर रही थी।
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बल्लिया मुडिया निवासी ईशरार अपनी पत्नी साहिस्ता बी और बच्चों के साथ बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। बदमाशों की बंदूक से निकली वह मिसफायर गोली सीधे बाइक पर पीछे बैठी महिला साहिस्ता बी के कंधे पर जा लगी। गोली लगते ही महिला लहूलुहान होकर चीख पड़ी, जिससे हाईवे पर कोहराम मच गया।
घायल महिला और चालक ने थाने पहुंचकर बचाई जान
गोलीबारी की इस खौफनाक वारदात के बाद भी पीड़ित चालक जगजीत सिंह ने हिम्मत नहीं हारी और हमलावरों को पीछे छोड़ते हुए सीधे पुलभट्टा थाने की तरफ गाड़ी दौड़ा दी। पुलिस स्टेशन पहुंचकर उसने पुलिसकर्मियों को पूरी आपबीती सुनाई और सुरक्षा की गुहार लगाई। वहीं दूसरी ओर, घायल महिला साहिस्ता बी को भी उसके पति ईशरार आनन-फानन में उसी हालत में पुलभट्टा थाने लेकर पहुंचे।
हाईवे पर सरेआम हुई इस वारदात और थाने में खून से लथपथ महिला को देखकर पुलिस महकमे में तुरंत खलबली मच गई। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए घायल महिला को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है। गनीमत रही कि गोली कंधे पर लगी, जिससे महिला की जान बच गई।
पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश, आरोपियों की तलाश जारी
इस दुस्साहसिक वारदात को गंभीरता से लेते हुए पुलभट्टा और किच्छा पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन किया गया और मंगलवार की रात को ही आरोपियों के संभावित ठिकानों और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे डिबडिबा व अन्य इलाकों में ताबड़तोड़ दबिश दी गई। हालांकि, शातिर आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे और फिलहाल पुलिस के हाथ नहीं आ सके हैं।
पुलिस का बयान:
“पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद में फायरिंग की सूचना मिली थी, जिसमें एक राहगीर महिला घायल हुई है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर जितेंद्र चौधरी, हरमन, विक्रमजीत, निरंजन और सर्वजीत के खिलाफ जानलेवा हमले सहित विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे। हाईवे पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
इस घटना के बाद से किच्छा और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव का माहौल है, और पुलिस हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है।





