विशेष संवाददाता, रुद्रप्रयाग
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक बड़ी और संवेदनशील खबर सामने आ रही है। चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित नगरासू के ‘गुरुद्वारा लंगर धाम साहेब’ में शनिवार शाम को अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। यात्रा पर आए कुछ निहंग सिखों द्वारा परिसर में हंगामा करने और स्थानीय प्रबंधन के साथ टकराव के बाद स्थिति बिगड़ गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए पूरे क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कैसे शुरू हुआ नगरासू में विवाद?
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार दोपहर बाद करीब चार बजे हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए जा रहे निहंग सिखों का एक समूह नगरासू गुरुद्वारे में रुका। चश्मदीदों का दावा है कि गुरुद्वारे में प्रवेश करते ही इन यात्रियों और वहां के सेवादारों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते इस बहस ने हिंसक रूप ले लिया, जिससे परिसर में मौजूद अन्य श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि हंगामा कर रहे गुट ने गुरुद्वारे के मुख्य सेवादार और वहां रह रहे एक बाबा के साथ बदसलूकी और मारपीट की। खबरों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति को कुछ समय के लिए बंधक भी बनाया गया था, जिसे बाद में प्रशासनिक हस्तक्षेप और समझौते के बाद मुक्त कराया गया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कुछ निहंग हाथों में पत्थर लेकर गुरुद्वारे की छत पर जमा हो गए। इस घटना से आसपास के बाजार और रिहायशी इलाकों में दहशत फैल गई। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने परिसर में लगे कुछ दिशा-निर्देश और सूचना पट्ट भी उखाड़ दिए।
वार्ता के शुरुआती प्रयास रहे बेनतीजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी (DM) विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक (SP) निहारिका तोमर भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस की मदद और सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की कंपनियों को भी मोर्चे पर तैनात किया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने रात भर निहंगों को शांत करने और नीचे लाने के लिए दो दौर की बातचीत की। हालांकि, ताजा जानकारी मिलने तक यह बातचीत किसी अंतिम सहमति पर नहीं पहुंच सकी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरेश बलूनी ने बताया कि इस समय गुरुद्वारा परिसर के भीतर कुल आठ लोग मौजूद हैं, जिनमें से सात निहंग सिख हैं। सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल लगातार धैर्यपूर्वक उनसे संवाद स्थापित करने और मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
विवाद का मुख्य कारण: कर्णप्रयाग प्रकरण का असर
जांच में यह बात सामने आ रही है कि नगरासू में हुए इस हंगामे के तार बीते 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुई एक अन्य घटना से जुड़े हैं। नगरासू में विरोध जता रहे निहंगों का आरोप है कि कर्णप्रयाग विवाद के मामले में स्थानीय सिख संगठनों और गुरुद्वारा प्रबंधन ने ढुलमुल रवैया अपनाया और प्रशासन के समक्ष प्रभावी रूप से विरोध दर्ज नहीं कराया। इसी बात से असंतुष्ट होकर उन्होंने नगरासू गुरुद्वारे को अपने विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बना लिया।
सरकार का कड़ा रुख: सौहार्द बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के बीच इस तरह के गतिरोध को बेहद गंभीरता से लिया है। प्रदेश के गृह सचिव शैलेश बगोली ने इस संबंध में एक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी कर कानून हाथ में लेने वालों को सख्त चेतावनी दी है।
”शुरुआती जांच से यह संकेत मिलते हैं कि यह घटना तात्कालिक विवाद और भावनात्मक आवेग के कारण उपजी है। देवभूमि उत्तराखंड हमेशा से ही शांति, आपसी सम्मान और सर्वधर्म समभाव के लिए जानी जाती रही है। राज्य सरकार किसी भी असामाजिक तत्व को यहां की सामाजिक समरसता और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं देगी।”
— शैलेश बगोली, गृह सचिव, उत्तराखंड सरकार
आईजी गढ़वाल करेंगे पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच
मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने इसकी जांच आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को सौंप दी है। वह घटना के सभी पहलुओं, दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों की गहन समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही, गृह विभाग ने एडीजी (कानून-व्यवस्था) से पूरे घटनाक्रम पर एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर किया जा सके।
सोशल मीडिया और अफवाहों पर पुलिस की पैनी नजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगरासू और आसपास के इलाकों में इंटरनेट बंद करने का मुख्य उद्देश्य भ्रामक और भड़काऊ सूचनाओं के प्रसार को रोकना है। गृह सचिव ने चेतावनी दी है कि जो भी तत्व सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से इस व्यक्तिगत या स्थानीय विवाद को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करेंगे, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 24 घंटे काम करेगा ‘यात्रा सेल’
चारधाम और हेमकुंड साहिब आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के तत्काल निवारण के लिए सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत किया है। अब वर्तमान ‘चारधाम सेल’ के कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए इसे सीधे हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ दिया गया है। यह नियंत्रण कक्ष यात्रा सीजन के दौरान चौबीसों घंटे (24×7) सक्रिय रहेगा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या यात्रियों की समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
वर्तमान में नगरासू और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं और स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन ने आम जनता और तीर्थयात्रियों से संयम बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

