देहरादून/अल्मोड़ा:
उत्तराखंड के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव आने वाला है। पिछले कुछ दिनों से चटख धूप खिलने के कारण जहां तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी, वहीं अब मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के भीतर करवट बदलते मौसम की चेतावनी जारी की है। राज्य के पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे एक बार फिर ठिठुरन बढ़ने के आसार हैं।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका सीधा प्रभाव गुरुवार से प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में देखने को मिलेगा। बुधवार को भले ही आसमान साफ और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन गुरुवार से बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। विशेषकर उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें गिर सकती हैं।
दोहरी मार: दिन में पसीना, सुबह-शाम कांपना
वर्तमान में उत्तराखंड के लोग मौसम की दोहरी मार झेल रहे हैं। दिन के समय सूर्य की तपिश बढ़ने से पारे में लगातार उछाल देखा जा रहा है, जिससे मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में हल्की गर्मी का एहसास होने लगा है। हालांकि, सूरज ढलते ही ठंडी हवाएं सक्रिय हो जाती हैं, जिससे सुबह और शाम की ठंडक बरकरार है। डॉक्टरों ने इस बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि तापमान का यह उतार-चढ़ाव वायरल और सर्दी-जुकाम का कारण बन सकता है।
अल्मोड़ा: धूप से मिली राहत, पर ठंड अब भी बाकी
सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा और इसके आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को मौसम काफी सुहावना रहा। सुबह-शाम की कड़ाके की ठंड के बीच दिन में खिली चटख धूप ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को बड़ी राहत दी। मंगलवार को दिनभर मध्यम गति की हवाएं चलती रहीं, जिससे वातावरण में ताजगी बनी रही।
तापमान का विवरण:
• पिछले कुछ दिनों में हुई वर्षा के बाद अब धूप खिलने से अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है।
• मंगलवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में औसतन 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई।
• बीते कल का अधिकतम तापमान 26.05°C और न्यूनतम तापमान 9.05°C दर्ज किया गया।
कोहरे की विदाई और बाजारों में बढ़ी रौनक
मंगलवार की सुबह घाटी वाले इलाकों में आंशिक रूप से कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता (Visibility) में थोड़ी कमी आई। लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, सूरज की रोशनी ने कोहरे की चादर को हटा दिया। मौसम साफ होते ही ग्रामीण क्षेत्रों जनजीवन सामान्य होता दिखा।
घाटी के दूरदराज के गांवों से लोग अपने स्थानीय कृषि उत्पादों को लेकर अल्मोड़ा और अन्य मुख्य बाजारों में पहुंचे। मौसम अनुकूल होने के कारण बाजारों में भी काफी चहल-पहल देखी गई। ग्रामीणों ने अपनी नकदी फसलों और हस्तशिल्प को बेचकर आवश्यक घरेलू सामान की खरीदारी की।
कृषि और बागवानी पर प्रभाव
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 24-48 घंटों में हल्की बारिश होती है, तो यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी। हालांकि, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना ने बागवानों की चिंता भी बढ़ा दी है। विशेषकर सेब और आड़ू के बगीचों में इस समय फूल आने की प्रक्रिया शुरू हो रही है, ऐसे में मौसम का मिजाज बागवानी के उत्पादन को प्रभावित कर सकता है।
पर्यटकों के लिए सलाह
चारधाम यात्रा की तैयारियों और हिल स्टेशनों की सैर पर आने वाले पर्यटकों के लिए मौसम विभाग ने सलाह दी है कि वे अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े रखें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक होने वाली बारिश और तापमान में गिरावट यात्रा के दौरान मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
क्षेत्र
मौसम की स्थिति
अलर्ट
पर्वतीय क्षेत्र
आंशिक बादल और बारिश
गरज-चमक की संभावना
मैदानी क्षेत्र
शुष्क मौसम और तेज धूप
तापमान में वृद्धि
अल्मोड़ा/कुमाऊं
सुहावनी धूप
सुबह-शाम ठंड बरकरार
निष्कर्ष:
उत्तराखंड में ‘मार्च-अप्रैल’ का यह महीना हमेशा से अनिश्चितताओं भरा रहता है। एक तरफ जहां वसंत की दस्तक से प्रकृति खिल रही है, वहीं पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बार-बार सर्दी का एहसास करा रही है। अगले 24 घंटों का समय राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि बादलों का डेरा और बारिश की बूंदें एक बार फिर पहाड़ों की वादियों को ठंडा कर सकती हैं।







