​रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला जनपद रुद्रप्रयाग से सामने आया है, जहाँ मंगलवार देर रात एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस हृदयविदारक दुर्घटना में वाहन सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

​अनियंत्रित होकर 250 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन

​मिली जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना भीरी-ककोला मोटर मार्ग पर घटित हुई। बताया जा रहा है कि एक वाहन भीरी से औरिंग गाँव की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन गंतव्य के समीप पहुँचने वाला था, तभी अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया और देखते ही देखते गाड़ी सड़क से नीचे लगभग 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। खाई इतनी गहरी थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

​रात के अंधेरे में SDRF और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन

​हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। कोतवाली ऊखीमठ पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया। रात का अंधेरा और पहाड़ियों की विषम भौगोलिक परिस्थितियाँ रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी बाधा बन रही थीं।
​”घटनास्थल बेहद दुर्गम था, लेकिन सूचना मिलते ही हमारी टीमें सक्रिय हो गईं। पुलिस और SDRF के जवानों ने रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी के सहारे खाई में उतरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।” – स्थानीय पुलिस अधिकारी

​जवानों ने रस्सी के सहारे गहरी खाई में उतरकर पीड़ितों तक पहुँचने की कोशिश की। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने शवों को बरामद किया। बचाव दल के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवकों की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी।

​मृतकों की पहचान और शोक की लहर

​पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर उनकी शिनाख्त कर ली है। हादसे का शिकार हुए तीनों युवक स्थानीय क्षेत्रों के निवासी थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार है:

• ​नवीन सिंह (30 वर्ष): निवासी ग्राम औरिंग।
• ​अंशुल (28 वर्ष): निवासी ग्राम सुरसाल।
• ​अमित सिंह (35 वर्ष): निवासी ग्राम सुरसाल।

​तीनों युवक अपने जीवन के उस पड़ाव पर थे जहाँ उन पर परिवार की बड़ी जिम्मेदारियां थीं। अचानक हुए इस वज्रपात से उनके गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है।

​पहाड़ी मार्गों पर बढ़ते खतरे: एक गंभीर चिंता

​उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में सड़क हादसे एक गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। भीरी-ककोला मार्ग जैसे लिंक रोड अक्सर संकरे होते हैं, जहाँ जरा सी लापरवाही या तकनीकी खराबी जानलेवा साबित होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय इन रास्तों पर दृश्यता कम होना और सुरक्षा घेरों (क्रैश बैरियर) का अभाव भी दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण है।
​पुलिस अब इस मामले की जाँच कर रही है कि दुर्घटना का मुख्य कारण क्या था—क्या यह मानवीय चूक थी, वाहन में कोई तकनीकी खराबी आई थी या फिर सड़क की खराब स्थिति इसके लिए जिम्मेदार है।

​विधिक कार्रवाई और प्रशासन की अपील

​पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे पहाड़ी और संकरे मार्गों पर रात के समय विशेष सावधानी बरतें और गति सीमा का सख्ती से पालन करें।

​निष्कर्ष

​रुद्रप्रयाग की यह घटना एक बार फिर हमें सचेत करती है कि सफर में सुरक्षा सर्वोपरि है। तीन घरों के चिराग बुझने से जो कमी आई है, उसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता। सरकार और लोक निर्माण विभाग को भी ऐसे संवेदनशील ‘ब्लैक स्पॉट्स’ को चिन्हित कर वहाँ सुरक्षा उपाय पुख्ता करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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