देहरादून: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। केदारनाथ हेली सेवाओं के किराए (Fare) निर्धारण की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) द्वारा आमंत्रित किए गए टेंडर खुल चुके हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि मंगलवार तक नई दरों पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी।
टेंडर प्रक्रिया हुई पूरी, 8 कंपनियों का चयन
नागरिक उड्डयन विभाग ने इस वर्ष की यात्रा के लिए पारदर्शी तरीके से हेली कंपनियों से निविदाएं (Tenders) मांगी थीं। विभाग का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को न्यूनतम और उचित किराए पर हवाई सेवा उपलब्ध कराना है। मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया में आठ हेली कंपनियों के टेंडर तकनीकी और वित्तीय रूप से सही पाए गए हैं।
सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी के नौ हेलीपैड से संचालित होने वाली इन सेवाओं के लिए कंपनियों ने अपने न्यूनतम किराया प्रस्ताव विभाग को सौंप दिए हैं। अब केवल अंतिम सहमति और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, जिसके बाद केदारनाथ के लिए हेली बुकिंग (Online Booking) की खिड़की खोल दी जाएगी।
क्यों बदला जा रहा है किराया?
उत्तराखंड में केदारनाथ हेली सेवाओं के लिए किराया निर्धारण की एक तय प्रक्रिया है। यूकाडा (UCADA) हर तीन साल में एक बार किराए की समीक्षा करता है और नई दरें लागू करता है।
* पिछला निर्धारण: अंतिम बार वर्ष 2022 में हेली सेवाओं का किराया तय किया गया था।
* 2025 का प्रभाव: पिछली दरें 2025 के यात्रा सीजन के पहले चरण तक प्रभावी रहीं।
* चुनौतियां: बीते वर्ष हेली दुर्घटनाओं और सुरक्षा मानकों के सख्त होने के कारण दूसरे चरण में उड़ानों की संख्या सीमित कर दी गई थी, जिससे अनौपचारिक रूप से किराए में करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई थी। इसी को नियंत्रित करने के लिए इस साल नए सिरे से पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई है।
इन तीन रूटों पर टिकी हैं नजरें
केदारनाथ धाम के लिए मुख्य रूप से तीन स्थानों से हेलीकॉप्टर उड़ान भरते हैं, और तीनों ही रूटों का किराया दूरी के अनुसार अलग-अलग होता है:
* गुप्तकाशी: यहाँ से दूरी सबसे अधिक होने के कारण किराया तुलनात्मक रूप से ज्यादा होता है।
* फाटा: यह मध्यम दूरी का रूट है और श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय है।
* सिरसी: केदारनाथ धाम के सबसे नजदीक होने के कारण यहाँ से किराया सबसे कम रहने की उम्मीद है। सिरसी से एक विशेष हेली सेवा के टेंडर पर मंगलवार तक अंतिम फैसला होने की संभावना है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आशीष चौहान ने इस संबंध में सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि “किराया निर्धारण की तकनीकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। कंपनियों के साथ दरों पर बातचीत अंतिम दौर में है। मंगलवार तक सभी रूटों के लिए किराया फाइनल कर दिया जाएगा और इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा ताकि श्रद्धालु समय पर अपनी बुकिंग करा सकें।”
उत्तराखंड मौसम अपडेट: पहाड़ों में बारिश, मैदानों में तपिश
हेली सेवाओं की खबरों के बीच उत्तराखंड के मौसम ने भी करवट लेनी शुरू कर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तराखंड के मौसम में दोहरा मिजाज देखने को मिलेगा।
* पहाड़ों में वर्षा: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग (केदारनाथ क्षेत्र) और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की वर्षा के आसार जताए गए हैं। इससे ऊपरी इलाकों में ठंड बरकरार रहेगी।
* मैदानों में गर्मी: वहीं दूसरी ओर, देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में पारा चढ़ने की संभावना है। मैदानी इलाकों में तेज धूप के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
जैसे ही मंगलवार को किराए की घोषणा होगी, यूकाडा की आधिकारिक वेबसाइट पर बुकिंग लिंक सक्रिय कर दिया जाएगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही टिकट बुक करें और सोशल मीडिया पर सक्रिय ठगों (Scammers) से सावधान रहें।
निष्कर्ष:
केदारनाथ यात्रा 2026 को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। हेली सेवा का किराया तय होने से उन हजारों तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जो कठिन पैदल मार्ग के बजाय हवाई मार्ग से बाबा के दर्शन करना चाहते हैं। मंगलवार का दिन उत्तराखंड पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है।







