मुख्य बिंदु:
• घटना स्थल: ऋषिकेश का भट्टोवाला क्षेत्र।
• विवाद का कारण: सड़क किनारे और जंगल के मुहाने पर खुले में शराब पीने से टोकना।
• घायल: मनीष व्यास और जसपाल रावत (दोनों स्थानीय निवासी, एम्स में भर्ती)।
• पुलिस कार्रवाई: एक आरोपी (बिहार निवासी) भीड़ द्वारा पकड़ा गया, दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी।
ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाले तत्वों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका एक सनसनीखेज उदाहरण भट्टोवाला क्षेत्र में देखने को मिला। यहाँ सड़क किनारे और खुलेआम जंगल के पास शराब पी रहे कुछ युवकों को जब दो स्थानीय निवासियों ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए टोका, तो शराब के नशे में धुत बदमाशों ने उन पर सीधे तमंचे से फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से स्थानीय लोगों की मदद से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना को अंजाम देकर फरार हुए दो अन्य हमलावरों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना ऋषिकेश के भट्टोवाला क्षेत्र की है। बुधवार/गुरुवार की देर शाम भट्टोवाला के रहने वाले दो स्थानीय युवक, मनीष व्यास और जसपाल रावत, रोज़ की तरह गाँव के पास से गुजरने वाली मुख्य सड़क से होकर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि सड़क के बिल्कुल किनारे, जंगल के मुहाने पर तीन अज्ञात युवक बैठकर खुलेआम शराब पी रहे थे।
चूंकि यह क्षेत्र आवासीय बस्ती के नजदीक है और स्थानीय लोगों का यहाँ लगातार आना-जाना लगा रहता है, इसलिए मनीष और जसपाल ने सामाजिक मर्यादा और सुरक्षा के लिहाज से उन युवकों को वहाँ बैठकर शराब पीने से मना किया। उन्होंने युवकों से वहाँ से जाने को कहा।
कहासुनी के बाद सीधे दाग दी गोली
स्थानीय युवकों का यह टोकना शराब के नशे में चूर बदमाशों को नागवार गुजरा। उन्होंने मनीष और जसपाल के साथ गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि शराब पी रहे युवकों में से एक ने अपने पास छिपाकर रखा अवैध तमंचा निकाल लिया। इससे पहले कि मनीष और जसपाल कुछ समझ पाते या खुद का बचाव कर पाते, आरोपी ने उन पर सीधे फायर झोंक दिया।
तमंचे से छूटी गोली सीधे मनीष व्यास के हाथ में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। वहीं, हमलावरों ने दूसरी गोली जसपाल रावत पर चलाई, जो उसकी जांघ को छूती हुई निकल गई। गोलीबारी की इस दुस्साहसिक घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई।
सड़क पर मची चीख-पुकार, ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी
गोली चलने की आवाज और घायलों की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके की तरफ दौड़े। भारी संख्या में लोगों को अपनी ओर आता देख तीनों हमलावरों के हाथ-पांव फूल गए और वे भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि, ग्रामीणों ने गजब की हिम्मत दिखाते हुए घेराबंदी की और भाग रहे तीन आरोपियों में से एक को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि उसके दो अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल के रास्ते भागने में सफल रहे।
स्थानीय निवासियों ने तुरंत इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी और दोनों लहूलुहान युवकों को आनन-फानन में इलाज के लिए एम्स (AIIMS) ऋषिकेश में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पकड़ा गया आरोपी बिहार का निवासी, पुलिस खंगाल रही आपराधिक इतिहास
सूचना मिलते ही ऋषिकेश कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची और ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए आरोपी को अपनी कस्टडी में ले लिया। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि पकड़ा गया युवक मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और वह यहाँ किसी काम से आया हुआ था या रह रहा था। पुलिस फिलहाल उससे कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि उसके फरार साथियों के नाम और ठिकानों का पता लगाया जा सके।
इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों के पास अवैध हथियार (तमंचा) कहाँ से आया और क्या इनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है।
पुलिस का बयान: फरार आरोपियों की तलाश में दबिश जारी
इस पूरे मामले पर ऋषिकेश के प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि घटना बेहद गंभीर है और पुलिस ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया है। उन्होंने कहा:
”भट्टोवाला में हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। मौके से पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पीड़ित पक्षों की ओर से तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। क्षेत्र में किसी भी सूरत में कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय लोगों में आक्रोश, खुले में नशा करने वालों पर कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद से भट्टोवाला और आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऋषिकेश के शांत वातावरण में बाहरी और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग आकर माहौल खराब कर रहे हैं। सुनसान सड़कों और जंगलों के किनारे अवैध रूप से नशा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्थानीय महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।

