अल्मोड़ा (उत्तराखंड)। देवभूमि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। धौलादेवी ब्लॉक के सेली गांव में घरेलू कलह और आपसी रंजिश के चलते एक पत्नी ने अपनी ही कोख से जन्मी बेटी और दामाद के साथ मिलकर अपने पति की दराती से बेरहमी से काटकर हत्या कर दी। आरोपियों ने चंद्रशेखर पांडे (40 वर्ष) पर धारदार हथियार से तब तक वार किए, जब तक वह लहूलुहान होकर मरणासन्न स्थिति में नहीं पहुंच गया। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है।
घरेलू कलह और मोबाइल चैटिंग बनी विवाद की वजह
मिली जानकारी के अनुसार, सेली गांव के रहने वाले चंद्रशेखर पांडे और उनकी पत्नी खष्टी देवी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। चंद्रशेखर को शराब पीने की लत थी, जिसके कारण अक्सर घर में झगड़ा और मारपीट होती थी।
इसके अलावा, चंद्रशेखर अपनी बेटी जानकी के विवाह से पूर्व उसके मोबाइल पर अत्यधिक चैटिंग करने और उसकी कुछ हरकतों से बेहद नाराज रहता था, जिसके कारण वह अक्सर बेटी को डांटता-फटकारता और पीटता भी था।
बेटी जानकी की शादी महज दो महीने पहले ही हरियाणा के ग्राम शेजपुरा (थाना हांसी सदर) निवासी धर्मवीर शर्मा से हुई थी। शादी के बाद भी चंद्रशेखर और उसकी पत्नी खष्टी देवी के बीच का तनाव कम नहीं हुआ। खष्टी देवी लगातार फोन पर अपनी बेटी और दामाद को पति चंद्रशेखर की हरकतों और मारपीट की शिकायतें भेजती रहती थी।
मां की बातें सुनकर बेटी जानकी के मन में अपने पिता के प्रति नफरत और बदले की भावना और गहरी होती चली गई। उसने अपनी मां के उकसावे में आकर अपने पति धर्मवीर को भी इस खूनी साजिश में शामिल कर लिया। दामाद धर्मवीर ने कुछ समय पहले चंद्रशेखर को फोन पर धमकी भी दी थी कि यदि उसने अपनी पत्नी और सास के साथ अभद्र व्यवहार बंद नहीं किया, तो वह उसे जान से मार देगा।
आधी रात को रची गई खूनी साजिश: दराती से किए ताबड़तोड़ वार
विवाद इस कदर बढ़ा कि २१ जून से ठीक एक दिन पहले, यानी २० जून की रात को दामाद धर्मवीर शर्मा और बेटी जानकी अचानक हरियाणा से सेली गांव पहुंचे। वहां योजना के अनुसार, खष्टी देवी, जानकी और धर्मवीर ने मिलकर सोते या असावधान बैठे चंद्रशेखर पर अचानक धारदार दराती (दरांती) से हमला बोल दिया।
आरोपियों ने चंद्रशेखर के सिर, हाथ और पैरों पर दराती से ताबड़तोड़ कई वार किए। चंद्रशेखर खुद को बचाने के लिए तड़पता रहा, लेकिन अपनों के ही सिर पर खून सवार था। जब चंद्रशेखर पूरी तरह लहूलुहान हो गया और उसने हिलना-डुलना बंद कर दिया, तो तीनों आरोपी उसे मृत समझकर रात के अंधेरे में ही गांव से रफूचक्कर हो गए।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम, तीसरे दिन हुआ खुलासा
घटना के अगले दिन यानी २१ जून को जब ग्रामीणों को चंद्रशेखर के घर में इस खूनी खेल का पता चला, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल चंद्रशेखर को उठाकर नजदीकी धौलादेवी अस्पताल ले गए।
वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अल्मोड़ा बेस अस्पताल रेफर कर दिया।
अल्मोड़ा बेस अस्पताल में भी चंद्रशेखर की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद उसे तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी के लिए रेफर किया गया।
लेकिन घाव इतने गहरे थे और अत्यधिक खून बह जाने के कारण चंद्रशेखर ने हल्द्वानी पहुंचने से पहले रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
पिता और बेटे के आने पर हुआ अंतिम संस्कार, केस दर्ज
मृतक चंद्रशेखर के पिता नारायण दत्त पांडे (६५ वर्ष) और उनका पुत्र गणेश दत्त भी हरियाणा में ही रहते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद वे सोमवार को गांव पहुंचे। मंगलवार को मृतक का अंतिम संस्कार किए जाने के बाद पिता नारायण दत्त पांडे ने दन्यां थाने में अपनी बहू खष्टी देवी, पोती जानकी और दामाद धर्मवीर शर्मा के खिलाफ नामजद तहरीर सौंपी।
नारायण दत्त ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि उनकी बहू, पोती और दामाद ने एक सोची-समझी और सुनियोजित साजिश के तहत उनके बेटे की नृशंस हत्या की है। उन्होंने पुलिस से तीनों आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस का बयान: आरोपियों की तलाश में हरियाणा तक छापेमारी
दन्यां थाने के थानाध्यक्ष (एसओ) दिनेश नाथ महंत ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
चूंकि बेटी और दामाद हरियाणा के रहने वाले हैं, इसलिए पुलिस की टीमें दन्यां से लेकर हरियाणा के हांसी और शेजपुरा इलाकों तक संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
स्थानीय ग्राम प्रधान कैलाश पांडे ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के क्रूर हत्याकांड से सेली और उसके आसपास के तमाम गांवों के लोग सहमे हुए हैं। पवित्र पारिवारिक रिश्तों का ऐसा खूनी अंत बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।







