रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ रुद्रपुर-हल्द्वानी मार्ग पर टांडा जंगल के बीच एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और स्कूटी की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में स्कूटी सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों युवक एक शादी समारोह से लौट रहे थे और छूटे हुए मोबाइल को वापस लेने हल्द्वानी जा रहे थे, तभी काल ने उन्हें अपने आगोश में ले लिया।
हादसे का विवरण: टांडा जंगल में मची चीख-पुकार
शनिवार की देर रात जब सड़कों पर सन्नाटा पसरा था, तभी टांडा जंगल के खतरनाक मोड़ पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार और स्कूटी के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर काफी दूर जाकर गिरे।
टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्कॉर्पियो कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके सुरक्षा एयरबैग्स तक खुल गए। राहगीरों ने जब यह मंजर देखा, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
मृतकों की पहचान और पृष्ठभूमि
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुए तीनों युवक सिडकुल स्थित नामी कंपनी अशोका लिलैंड में कार्यरत थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
• अनिकेत (20 वर्ष): निवासी जसपुर।
• रोहन (22 वर्ष): निवासी हरिद्वार।
• आकाश (24 वर्ष): निवासी रामपुर, उत्तर प्रदेश।
ये तीनों युवक आपस में गहरे दोस्त थे और रुद्रपुर में रहकर काम करते थे। शनिवार शाम तीनों एक साथ स्कूटी पर सवार होकर हल्द्वानी में आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे।
एक छोटी सी भूल और मौत का बुलावा
घटनाक्रम के अनुसार, तीनों दोस्त रात को शादी समारोह से वापस रुद्रपुर सुरक्षित पहुँच चुके थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रुद्रपुर पहुँचने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनमें से एक दोस्त का मोबाइल फोन हल्द्वानी में ही छूट गया है।
रात के करीब 12 बजे, उसी मोबाइल को वापस लेने के लिए तीनों युवक फिर से स्कूटी पर सवार होकर हल्द्वानी की ओर निकल पड़े। संजय नगर से लगभग दो किलोमीटर आगे टांडा जंगल के बीच उनकी स्कूटी सामने से आ रही अनियंत्रित स्कॉर्पियो की चपेट में आ गई।
पुलिस की कार्रवाई और अस्पताल का मंजर
सूचना मिलते ही पंतनगर थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत और सिडकुल चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह बिष्ट अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने तुरंत तीनों लहूलुहान युवकों को जिला अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
”हादसा बेहद गंभीर था। तीनों युवकों को तत्काल चिकित्सा सहायता दिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।” — पुलिस अधिकारी
परिजनों में कोहराम, क्षेत्र में शोक की लहर
जैसे ही हादसे की खबर मृतकों के परिजनों को मिली, उनके घरों में कोहराम मच गया। जो युवक कुछ घंटों पहले शादी की खुशियों में शामिल थे, उनकी मौत की खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया है। सिडकुल की कंपनी में उनके साथ काम करने वाले साथी भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
टांडा जंगल का यह मार्ग रात के समय काफी जोखिम भरा हो जाता है। जंगली जानवरों की आवाजाही और तेज रफ्तार वाहनों के कारण यहाँ अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय सड़कों पर गश्त और स्पीड ब्रेकर/सावधानी बोर्ड की कमी भी ऐसे हादसों का कारण बनती है।
मुख्य बिंदु: एक नजर में
विवरण
जानकारी
स्थान
टांडा जंगल, रुद्रपुर-हल्द्वानी मार्ग
वाहन
स्कॉर्पियो और स्कूटी (आमने-सामने की टक्कर)
मृतकों की संख्या
03 (अनिकेत, रोहन, आकाश)
कारण
छूटा हुआ मोबाइल लेने वापस हल्द्वानी जा रहे थे
समय
शनिवार देर रात (लगभग 12 बजे)
निष्कर्ष:
यह सड़क हादसा हमें याद दिलाता है कि रात के समय वाहन चलाते समय अत्यधिक सावधानी की आवश्यकता होती है। एक छोटी सी लापरवाही या तेज रफ्तार हँसते-खेलते परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे जाती है। पुलिस फिलहाल मामले की जाँच कर रही है और स्कॉर्पियो चालक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
जनहित में जारी: कृपया दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करें और गति सीमा का पालन करें।
