हल्द्वानी (उत्तराखंड):
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महानगर के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में से एक, तिकोनिया चौराहे पर सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ स्थित एक प्रसिद्ध वाइन शॉप और उसके ठीक ऊपर बने मुख्य गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरी इमारत से आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा।
इस दर्दनाक हादसे में दुकान और गोदाम के भीतर रखा करोड़ों रुपये का स्टॉक पूरी तरह जलकर राख हो गया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस अग्निकांड में लगभग 8 करोड़ रुपये से अधिक के भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। गनीमत रही कि घटना के समय दुकान और गोदाम में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से बच गया।
देर रात 2 बजे लगी आग, राहगीर की सतर्कता से मिली सूचना
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मिली जानकारी के अनुसार, मल्ला गोरखपुर क्षेत्र के निवासी राजेंद्र पाल की तिकोनिया चौराहे के पास एक बड़ी वाइन शॉप है। सोमवार की रोजाना की तरह काम समेटकर स्टाफ दुकान बंद करके घर लौट चुका था। देर रात करीब दो बजे अचानक दुकान के भीतर से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। चूंकि रात का समय था, इसलिए सड़क पर आवाजाही बेहद कम थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक जागरूक राहगीर की नजर दुकान से उठती आग की भयानक लपटों पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उसने बिना वक्त गंवाए तुरंत रात लगभग 2:00 बजे फायर ब्रिगेड (दमकल विभाग) और स्थानीय पुलिस को इस दुर्घटना की सूचना दी।
शॉर्ट सर्किट बना हादसे का मुख्य कारण
स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग की शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए इस भीषण आग का मुख्य कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संभवतः दुकान के भीतर लगे बिजली के बोर्ड या वायरिंग में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसने पास में मौजूद ज्वलनशील सामग्री को अपनी चपेट में ले लिया।
चूंकि वाइन शॉप और उसके ऊपरी मंजिल पर बने गोदाम में भारी मात्रा में शराब और अन्य अल्कोहल आधारित पेय पदार्थों का स्टॉक मौजूद था, इसलिए आग ने कुछ ही मिनटों में बेहद उग्र रूप धारण कर लिया। अल्कोहल की मौजूदगी के कारण आग इतनी तेजी से भड़की कि उसे संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था।
दमकल की तीन गाड़ियों ने ढाई घंटे तक की कड़ी मशक्कत
सूचना मिलते ही अग्निशमन केंद्र हल्द्वानी से तीन बड़ी दमकल गाड़ियां (फायर टेंडर) और रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। जब तक टीम मौके पर पहुंची, तब तक आग पूरी दो मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले चुकी थी। दमकल कर्मियों ने बिना देरी किए चारों तरफ से पानी की बौछारें शुरू कीं। वाइन शॉप के शटर और गोदाम के रास्तों से उठती लपटों के बीच दमकल विभाग के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मोर्चा संभाला।
लगभग ढाई घंटे तक चले इस बेहद जटिल और सघन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, सुबह करीब 4:30 बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक दुकान के अंदर रखा सारा सामान और इंफ्रास्ट्रक्चर जलकर कोयला हो चुका था।
बाल-बाल बचीं आसपास की कई दुकानें, टला बड़ा संकट
तिकोनिया चौराहा हल्द्वानी का एक बेहद सघन व्यावसायिक क्षेत्र है, जहाँ एक दुकान से दूसरी दुकान बिल्कुल सटी हुई है। जिस समय वाइन शॉप में आग लगी, उस समय खतरा यह था कि लपटें पड़ोस के अन्य शोरूम और दुकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थीं। अगर ऐसा होता, तो यह नुकसान सैकड़ों करोड़ तक पहुंच सकता था और पूरे बाजार में तबाही मच सकती थी।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उनकी टीम की मुख्य प्राथमिकता आग को आगे बढ़ने से रोकना (कन्टेन करना) था। दमकल कर्मियों की तत्परता, सूझबूझ और सटीक रणनीति के कारण आग को वाइन शॉप की सीमा के भीतर ही रोक लिया गया, जिससे आसपास के तमाम व्यापारी और उनकी दुकानें सुरक्षित बच गईं।
आबकारी विभाग और पुलिस टीम ने शुरू की जांच
घटना की भयावहता को देखते हुए सुबह होते ही पुलिस के आला अधिकारियों के साथ-साथ आबकारी विभाग (Excise Department) की विशेष टीम भी मौके पर पहुंच गई। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और दुकान के लाइसेंस, स्वीकृत स्टॉक और मलबे की स्थिति का जायजा लिया। चूंकि वाइन शॉप में बिकने वाले माल का पूरा रिकॉर्ड सरकारी तौर पर भी दर्ज होता है, इसलिए आबकारी टीम अब पुलिस और दुकान मालिक के साथ मिलकर वास्तविक वित्तीय नुकसान का सटीक आकलन करने में जुट गई है। शुरुआती अनुमानों में यह आंकड़ा 8 करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है, जिसमें दुकान का ढांचा, इंटीरियर और भारी मात्रा में विदेशी व घरेलू शराब का स्टॉक शामिल है।
समय पर सूचना मिलती तो बच सकता था नुकसान: फायर अफसर
अग्निशमन विभाग के सीनियर स्टेशन ऑफिसर (SSO) एम.पी. सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:
”इस दर्दनाक हादसे में किसी भी तरह की जनहानि या किसी व्यक्ति के झुलसने की खबर नहीं है, जो कि सबसे राहत की बात है। हमारी टीम ने पूरी ताकत से काम करते हुए आसपास की दर्जनों दुकानों को जलने से सुरक्षित बचा लिया। हालांकि, दुकान के भीतर का नुकसान बहुत ज्यादा है। अगर हमें आग लगने के तुरंत बाद (शुरुआती 10-15 मिनट के भीतर) सूचना मिल जाती, तो नुकसान का दायरा काफी हद तक कम किया जा सकता था। जब तक हमें सूचित किया गया, आग पहले ही गोदाम तक फैल चुकी थी।”
फिलहाल, पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया है और अग्निशमन विभाग की टेक्निकल टीम आग लगने के सटीक कारणों की अंतिम रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के अन्य व्यापारियों में भी अपनी दुकानों की सुरक्षा और वायरिंग को लेकर चिंता देखी जा रही है।

