वृंदावन/मथुरा। धर्मनगरी वृंदावन में शुक्रवार का दिन एक बड़े हादसे का गवाह बना। यमुना नदी में पर्यटन के लिए निकली श्रद्धालुओं से भरी एक मोटर बोट असंतुलित होकर पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में पंजाब से आए 10 श्रद्धालुओं की डूबने से दर्दनाक मृत्यु हो गई है। नाव पर कुल 32 लोग सवार थे, जिनमें से कई अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ भारतीय सेना की स्ट्राइक वन फोर्स और SDRF को बचाव कार्य के लिए बुलाया गया है।
कैसे हुआ हादसा: चश्मदीदों की जुबानी
मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब के मोगा, मुक्तसर और लुधियाना से करीब 150 श्रद्धालुओं का एक जत्था दो बसों में सवार होकर शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे वृंदावन पहुंचा था। सुबह निधिवन के दर्शन करने के बाद, दोपहर को श्रद्धालुओं का एक समूह यमुना भ्रमण के लिए निकला।
दोपहर करीब **3:15 बजे**, केशीघाट से रवाना हुई एक मोटर बोट मांट थाना क्षेत्र के पास बने पैंटून पुल (पीपों के पुल) से टकरा गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नाव की रफ्तार अधिक थी और पुल से टकराते ही वह असंतुलित होकर पलट गई। पलक झपकते ही नाव पर सवार सभी 32 लोग गहरे पानी में समा गए।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, रेस्क्यू में जुटी सेना
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
डीआइजी शैलेश कुमार पांडेय ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया:
> “अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। 12 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुँचाया गया है। चूंकि कुछ लोग अभी भी लापता हैं, इसलिए सेना की स्ट्राइक वन फोर्स और SDRF की टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।”
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मृतकों की सूची (विवरण)
प्रशासन द्वारा अब तक पहचान किए गए मृतकों के नाम इस प्रकार हैं:
| क्र.सं. | नाम | निवासी |
|—|—|—|
| 1 | पिंकी (पत्नी चन्दर सिंह) | जगराओं, लुधियाना |
| 2 | आशा रानी (पत्नी अर्जुन मीणा) | हिसार |
| 3 | कविता (पत्नी विकास कुमार) | जगराओं, लुधियाना |
| 4 | मीनू | फेज 2, डुंगरी, लुधियाना |
| 5 | अंजू (पत्नी रिंकेश गुलाटी) | लुधियाना |
| 6 | रिंकेश गुलाटी | डुंगरी, लुधियाना |
| 7 | चरणजीत | लुधियाना |
| 8 | मधुर बहल (पुत्र विजय) | गीता कॉलोनी, लुधियाना |
| 9 | ईशान कटेरिया | जगराओं, लुधियाना |
| 10 | सपना | – |
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर यमुना में सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया जाता है और लाइफ जैकेट जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों का अभाव रहता है।
बचाव कार्य की वर्तमान स्थिति:
सेना की मदद:सेना के स्ट्राइक वन फोर्स के विशेषज्ञ गोताखोर गहरे पानी में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।
चिकित्सा सहायता: बचाए गए 12 लोगों का जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
प्रशासनिक जांच: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या नाविक के पास वैध लाइसेंस था और क्या नाव की तकनीकी स्थिति सही थी।
शोक की लहर
पंजाब से आए श्रद्धालुओं के जत्थे में शामिल अन्य लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं। जो जत्था सुबह हंसी-खुशी दर्शन के लिए निकला था, वहां अब केवल चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा है। लुधियाना और मोगा के पीड़ित परिवारों को सूचना दे दी गई है।
निष्कर्ष:वृंदावन का यह यमुना हादसा एक चेतावनी है कि धार्मिक पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कितने आवश्यक हैं। वर्तमान में प्राथमिकता लापता लोगों को ढूंढने और घायलों को बेहतर उपचार प्रदान करने की है। जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर पीड़ितों के परिजनों को सहयोग का आश्वासन दिया है।







