हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। चंडीघाट बस्ती में मामूली पारिवारिक विवाद इस कदर हिंसक हो गया कि एक कलयुगी बेटे ने अपने ही जन्मदाता के सिर पर डंडे से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर हालत में पिता को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया, जहां जिंदगी और मौत के बीच चली लंबी जंग के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और सनसनी का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।
काम करने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, चंडीघाट बस्ती निवासी 60 वर्षीय प्यारेलाल पेशे से राजमिस्त्री का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। शुक्रवार की रात घर पर प्यारेलाल और उनके बेटे प्रकाश के बीच किसी बात को लेकर बातचीत शुरू हुई। पिता ने बेटे के भविष्य और घर की जिम्मेदारियों को देखते हुए उसे कोई काम-धंधा करने की सलाह दी थी।
पिता का काम करने के लिए कहना बेटे प्रकाश को इस कदर नागवार गुजरा कि वह आपा खो बैठा। देखते ही देखते सामान्य बातचीत तीखी नोकझोंक और फिर जोरदार झगड़े में तब्दील हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आवेश में आकर प्रकाश ने पास में पड़ा एक भारी डंडा उठाया और सीधे अपने पिता के सिर पर कई वार कर दिए। अचानक हुए इस खूनी हमले से प्यारेलाल लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े और अचेत हो गए।
एम्स ऋषिकेश में तोड़ा दम, परिजनों में कोहराम
चीख-पुकार सुनकर घर के अन्य सदस्य और आसपास के लोग मौके पर दौड़े। घर के आंगन में बुजुर्ग प्यारेलाल को खून से लथपथ देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल प्यारेलाल को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति और सिर में आई गंभीर अंदरूनी चोटों को देखते हुए तत्काल हायर सेंटर एम्स (AIIMS) ऋषिकेश रेफर कर दिया। एम्स के ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की विशेष टीम ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने और सिर में गहरी चोट लगने के कारण उपचार के दौरान प्यारेलाल ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन द्वारा मौत की पुष्टि होते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट ने जुटाए साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलते ही श्यामपुर थाना पुलिस सक्रिय हो गई और पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल का मुआयना करने पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट की टीम को भी मौके पर बुलाया।
जांच टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां फैले खून के नमूने, हमले में इस्तेमाल किए गए संभावित डंडे और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आसपास के पड़ोसियों और परिजनों से भी पूछताछ की, ताकि विवाद के असल कारणों और घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके।
मानसिक स्थिति की भी हो रही जांच
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि आरोपी प्रकाश की मानसिक स्थिति कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी और उसका व्यवहार अक्सर असामान्य रहता था। हालांकि, पुलिस इस दावे की सत्यता की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का कोई मेडिकल रिकॉर्ड या इलाज चल रहा था या नहीं, इसके दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। पारिवारिक पृष्ठभूमि, पुरानी रंजिश या घर में चल रहे तनाव के तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कानूनी कार्रवाई जारी: थाना प्रभारी
श्यामपुर थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शुक्रवार की रात चंडीघाट बस्ती में पिता और पुत्र के बीच तीखा विवाद हुआ था। विवाद के दौरान तैश में आकर बेटे प्रकाश ने अपने पिता प्यारेलाल के सिर पर डंडे से प्राणघातक हमला कर दिया था।
थाना प्रभारी ने बताया कि गंभीर रूप से घायल प्यारेलाल को इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी दुखद मृत्यु हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि और चोट की गंभीरता का स्पष्ट विवरण मिल सकेगा।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि पुलिस ने मामले में सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और आरोपी के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
बिखरते पारिवारिक ताने-बाने पर उठे सवाल
इस हृदयविदारक घटना ने समाज में तेजी से घटते धैर्य और बिखरते पारिवारिक संस्कारों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पिता ने बेटे को उंगली पकड़कर चलना सिखाया और उम्र के इस पड़ाव पर भी मेहनत-मजदूरी कर परिवार को संभाला, उसी बेटे के हाथों पिता की जान चले जाना हर किसी को झकझोर रहा है। बस्ती के लोग बुजुर्ग प्यारेलाल के सीधे और मेहनती स्वभाव की चर्चा करते हुए इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं।
