हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के व्यस्ततम रिहायशी और व्यावसायिक इलाके ज्वालापुर में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। दुर्गा चौक के समीप एक अनियंत्रित तेज रफ्तार बस ने सड़क किनारे खड़े वाहनों पर काल बनकर हमला बोल दिया। इस दुर्घटना में बस ने एक ऑटो रिक्शा और चार खड़ी कारों को बुरी तरह कुचल दिया। भिड़ंत इतनी जोरदार और भयावह थी कि ऑटो चालक का एक हाथ धड़ से कटकर अलग हो गया। वहीं, हादसे की चपेट में आने से एक बेजुबान श्वान (कुत्ते) की भी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में भारी चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाया और आरोपी बस चालक को वाहन सहित हिरासत में ले लिया।
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सुबह-सवेरे रफ्तार का कहर, चीखों से गूंजा दुर्गा चौक इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक हादसा सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे घटित हुआ। उस समय एक निजी बस दुर्गा चौक की तरफ से तेज गति से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि यह बस सिडकुल क्षेत्र की एक औद्योगिक इकाई (फैक्ट्री) के कर्मचारियों को लाने जा रही थी। सड़क पर सुबह के समय आवाजाही अपेक्षाकृत कम होने के कारण बस की रफ्तार काफी अधिक थी।
दुर्गा चौक के पास पहुंचते ही चालक ने वाहन पर से अपना संतुलन पूरी तरह खो दिया। अनियंत्रित बस ने सबसे पहले सड़क पर जा रहे एक ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मारी। ऑटो को टक्कर मारने के बाद भी बस की गति थमी नहीं, बल्कि वह अनियंत्रित होकर एक निजी अस्पताल के बाहर सड़क किनारे पार्क की गई चार कारों को एक के बाद एक रौंदती चली गई। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के घरों और दुकानों में मौजूद लोग दहशत में बाहर निकल आए।
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ऑटो चालक का हाथ कटकर अलग, मची अफरा-तफरी
इस भीषण दुर्घटना में ऑटो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित की पहचान त्रिलोक सिंह गुसाईं, निवासी सुभाष नगर (ज्वालापुर) के रूप में हुई है। टक्कर के दौरान ऑटो के परखच्चे उड़ गए और चालक त्रिलोक सिंह उसके मलबे में फंस गए। स्थानीय चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर का प्रभाव इतना घातक था कि त्रिलोक सिंह का एक हाथ कटकर शरीर से अलग हो गया और सड़क पर जा गिरा।
रक्त से लथपथ चालक को देखकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए घटना की सूचना ज्वालापुर कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को तत्काल नजदीकी जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार और स्थिति की नाजुकता को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) जौलीग्रांट (देहरादून) के लिए रेफर कर दिया, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
निजी अस्पताल के बाहर पांच वाहन क्षतिग्रस्त, टला बड़ा जनहानि का खतरा
दुर्घटना स्थल एक निजी अस्पताल के ठीक बाहर का क्षेत्र है, जहां दिनभर मरीजों, तीमारदारों, एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ की भारी भीड़ जमा रहती है। जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त बस ने अस्पताल परिसर के बाहर कतार में खड़ी चार कारों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। कई कारों के शीशे टूट गए और उनके पिछले व साइड के हिस्से पूरी तरह पिचक गए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह ईश्वर की कृपा रही कि घटना सुबह 6:30 बजे हुई, जब अस्पताल की ओपीडी शुरू नहीं हुई थी और बाहर तीमारदारों की ज्यादा चहल-पहल नहीं थी। यदि यही दुर्घटना सामान्य कार्य समय यानी सुबह 9 या 10 बजे के आसपास होती, तो अस्पताल के बाहर खड़े दर्जनों लोग इसकी चपेट में आ सकते थे और यह हादसा एक बड़े नरसंहार का रूप ले सकता था। हालांकि, सड़क किनारे मौजूद एक श्वान बस के भारी टायरों की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटनास्थल पर लगा जाम, पुलिस ने आरोपी चालक को दबोचा
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर सैकड़ों स्थानीय लोगों और राहगीरों का हुजूम उमड़ पड़ा। सड़क पर चारों तरफ क्षतिग्रस्त वाहनों का मलबा और बिखरे हुए शीशे फैल जाने से ज्वालापुर के इस मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना पाकर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
पुलिस ने सबसे पहले क्रेन मंगवाकर क्षतिग्रस्त ऑटो और कारों को सड़क के किनारे कराया तथा यातायात को सुचारू रूप से चालू करवाया। इसके साथ ही, पुलिस ने मौके से ही बस चालक को दबोच लिया। आरोपी चालक की पहचान विपिन कुमार सैनी, मूल निवासी सहारनपुर (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी सीतापुर (ज्वालापुर) के रूप में की गई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेने के साथ ही दुर्घटनाग्रस्त बस को भी जब्त कर लिया है।
तेज रफ्तार और लापरवाही पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस दुर्घटना ने एक बार फिर हरिद्वार और आसपास के उपनगरीय इलाकों में दौड़ने वाली निजी बसों और फैक्ट्री वाहनों की मनमानी व तेज रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सिडकुल और फैक्ट्रियों में चलने वाली बसें अक्सर समय पर पहुंचने की होड़ में रिहायशी इलाकों की संकरी सड़कों पर भी अंधाधुंध रफ्तार से दौड़ती हैं। कई बार शिकायत के बावजूद इन भारी वाहनों पर गति सीमा (स्पीड लिमिट) का पालन कराने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी क्षेत्रों और अस्पतालों के आसपास गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) बनाए जाएं और भारी वाहनों के लिए सख्त गति नियम लागू किए जाएं।
पुलिस का आधिकारिक बयान: निष्पक्ष जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि पुलिस पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच कर रही है। उन्होंने कहा:
“दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल ऑटो चालक को अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर जौलीग्रांट रेफर कर दिया गया है। मौके से बस चालक विपिन कुमार सैनी को हिरासत में ले लिया गया है और बस को कब्जे में ले लिया गया है। हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है कि क्या यह घटना वाहन की यांत्रिक खराबी (जैसे ब्रेक फेल होना) के कारण हुई या चालक की तेज रफ्तार व मानवीय लापरवाही की वजह से। पीड़ित पक्ष से तहरीर मिलने पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।”

