उत्तराखंड की प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों के तहत सोमवार को एक बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार के केंद्रीय मेला नियंत्रण भवन के सभागार में आयोजित Uttarakhand Cabinet Meeting में कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। यह दूसरा अवसर है जब राज्य सरकार ने राजधानी से बाहर किसी जिले में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की है। इससे पहले इस तरह का प्रयोग चंपावत जिले में किया गया था, जिसका उद्देश्य सरकार के कामकाज को सीधे जिलों और जनता के करीब ले जाना है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
इस महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट मंत्रियों ने विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी पर पहुंचकर मां गंगा का पूजन और आरती की। इस दौरान आगामी कुंभ मेले के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन की सफलता के लिए प्रार्थना भी की गई। इसके बाद सरकार की पूरी गतिविधियां हरिद्वार में केंद्रित हो गईं, जहां स्वास्थ्य, आवास और शहरी विकास जैसे अहम विभागों से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा के बाद बड़े फैसले लिए गए।
Uttarakhand Cabinet Meeting से पहले हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन और प्रशासनिक संदेश
सोमवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री हरिद्वार स्थित हरकी पैड़ी पहुंचे। वहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा नदी का पूजन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान धर्मनगरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
गंगा पूजन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री और मंत्रीगण सीधे मेला नियंत्रण भवन पहुंचे, जहां Uttarakhand Cabinet Meeting की कार्रवाई शुरू हुई। जिलों में जाकर कैबिनेट बैठक करने का फैसला सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है। हरिद्वार में बैठक का आयोजन आगामी कुंभ मेले की तैयारियों और क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिहाज से भी अत्यंत प्रासंगिक माना जा रहा है।
Uttarakhand Cabinet Meeting में 13 प्रस्तावों को मंजूरी: मिला दूसरा मेडिकल कॉलेज
हरिद्वार में आयोजित इस Uttarakhand Cabinet Meeting का मुख्य आकर्षण स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसलों पर रहा। कैबिनेट ने हरिद्वार को दूसरे मेडिकल कॉलेज की सौगात देने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति जता दी है। इसके अलावा ईएसआई (ESI) मेडिकल कॉलेज से जुड़े लंबित प्रस्तावों को भी औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई। इससे हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में भारी सुधार होगा।
बैठक में मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार (Mukhyamantri Veerta Puraskar) से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी पारित किया गया। कुल मिलाकर 13 विभिन्न प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनमें शहरी विकास और आवास विभाग के कई नीतिगत विषय शामिल हैं। हालांकि, इन सभी प्रस्तावों के विस्तृत ब्योरे और उनके क्रियान्वयन की शर्तें आने वाले दिनों में आधिकारिक शासनादेश के माध्यम से जारी की जाएंगी।
विधानसभा सत्र की तैयारियां और मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा
इस बैठक का समय राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम है। राज्य सरकार को आगामी विधानसभा सत्र 30 अक्तूबर से पहले आहूत करना अनिवार्य है। ऐसे में जिलों में हो रही इन बैठकों के माध्यम से सरकार जनहित के कई प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी दे रही है, ताकि सत्र के दौरान विधायी कार्यों को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।
हरिद्वार में Uttarakhand Cabinet Meeting की समाप्ति के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नई दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। नई दिल्ली में उनकी मुलाकात केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से प्रस्तावित है। इस बैठक में उत्तराखंड की कृषि, बागवानी और ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी। हरिद्वार में जिला-स्तरीय शासन के बाद दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ यह समन्वय राज्य के त्वरित विकास को गति देने में सहायक सिद्ध होगा।

