उत्तराखंड की प्रसिद्ध और पवित्र चारधाम यात्रा (Chardham Yatra Closing Dates) अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। हर साल की तरह इस बार भी शीतकाल के दौरान भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंदिरों के कपाट बंद करने की तिथियों का निर्धारण कर दिया गया है। सर्दियों के इन महीनों में भगवान के विग्रहों को उनके शीतकालीन गद्दीस्थलों पर ले जाया जाता है, जहां अगले छह महीने तक श्रद्धालु उनकी पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
ताजा परंपरा और पंचांग की गणना के अनुसार, इस वर्ष Chardham Yatra Closing Dates के तहत मां गंगा का धाम यानी गंगोत्री 10 नवंबर को बंद होगा, जबकि यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को भैयादूज के पावन पर्व पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस घोषणा के बाद से देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों में अपनी यात्रा को अंतिम रूप देने की होड़ सी मच गई है।
Gangotri Dham Closing: 10 नवंबर को अन्नकूट पर्व पर बंद होंगे गंगोत्री धाम के कपाट
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री धाम के कपाट हर साल शीतकाल के लिए विशेष उत्सव के साथ बंद किए जाते हैं। इस बार Chardham Yatra Closing Dates की श्रृंखला में गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर 10 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल और सचिव सुरेश सेमवाल ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि कपाट बंद करने के लिए विशेष मुहूर्त निकाला गया है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
तयशुदा पंचांग के अनुसार, 10 नवंबर को अमृत बेला में अभिजीत मुहूर्त पर ठीक दोपहर 12:05 बजे गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए शीतकाल हेतु बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मां गंगा की पावन उत्सव डोली भारी सुरक्षा और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने शीतकालीन गद्दीस्थल मुखवा (मुखीमठ) के लिए रवाना होगी। सर्दियों के दौरान श्रद्धालु मुखवा गांव में ही मां गंगा के दर्शन और पूजन का लाभ उठा पाते हैं।
Kedarnath and Yamunotri Closing: 11 नवंबर को भैयादूज पर बंद होंगे यमुनोत्री और केदारनाथ धाम
केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथियों को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है। Chardham Yatra Closing Dates के अपडेट के मुताबिक, यमुनोत्री धाम और भगवान शिव के धाम केदारनाथ के कपाट 11 नवंबर को भैयादूज (यम द्वितीया) के पवित्र पर्व पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। भैयादूज का यह दिन उत्तराखंड के इन दोनों प्रमुख धामों के कपाट बंद करने के लिए परंपरा का अहम हिस्सा रहा है।
केदारनाथ धाम के कपाट बंद करने का सटीक और धार्मिक मुहूर्त विजयदशमी (दशहरा) के पर्व पर ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में निकाला गया। इसी विशेष अवसर पर बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तारीख के साथ-साथ पंचपूजा और उत्सव डोली यात्रा के पूरे कार्यक्रम की घोषणा भी आधिकारिक रूप से कर दी जाती है।
Winter Worship Places: शीतकाल में कहां करें चारधाम के दर्शन
जब मुख्य मंदिर भारी बर्फबारी के कारण बंद हो जाते हैं, तब परंपरा के अनुसार भगवान की मूर्तियों को उनके शीतकालीन गद्दीस्थलों पर स्थापित किया जाता है। Chardham Yatra Closing Dates के बाद श्रद्धालु नीचे मैदानी या मध्यम ऊंचाई वाले गांवों में जाकर दर्शन कर सकते हैं:
- गंगोत्री धाम: मां गंगा की उत्सव डोली मुखवा (मुखीमठ) पहुंचती है।
- यमुनोत्री धाम: मां यमुना की डोली उनके मायके व शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव, जिसे ‘खीरी’ भी कहते हैं, लाई जाती है।
- केदारनाथ धाम: बाबा केदार की उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होती है।
यात्रा समाप्त होने से पहले उत्तराखंड प्रशासन और मंदिर समितियों ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम के मिजाज को देखते हुए अपनी यात्रा की योजना समय से पूरी कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

