Joshimath Helicopter Crash की एक दर्दनाक घटना उत्तराखंड के चमोली जिले से सामने आई है। बद्रीनाथ धाम से श्रद्धालुओं को लेकर देहरादून जा रहा ‘ट्रांस भारत एविएशन’ का एक एयरबस H125 हेलीकॉप्टर अचानक हादसे का शिकार हो गया। इस भीषण विमान दुर्घटना में हेलीकॉप्टर पर सवार पायलट समेत सभी 6 लोगों की जान चली गई है। इस घटना के सामने आने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
Joshimath Helicopter Crash: बद्रीनाथ धाम से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद टूटा संपर्क
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर (पंजीकरण संख्या VT-HCX) दोपहर लगभग 1:14 बजे बद्रीनाथ धाम स्थित हेलीपैड से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ था। हालांकि, उड़ान भरने के मात्र 7 से 8 मिनट के भीतर ही जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ते समय एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से हेलीकॉप्टर की लोकेशन और संपर्क पूरी तरह टूट गया।
पहाड़ी क्षेत्र में अचानक मौसम खराब होने और घने बादलों के छा जाने के कारण यह हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। हेलीकॉप्टर के अचानक लापता होने की खबर मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
Joshimath Helicopter Crash: चांई और थैंग गांव के पास मलबे में तब्दील हुआ चॉपर
प्रशासन को हेलीकॉप्टर गायब होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। कुछ ही समय बाद भारतीय सेना और स्थानीय आपदा प्रबंधन दल ने जोशीमठ के पास स्थित चांई (Chai) और थैंग गांव के ऊपरी पहाड़ियों तथा जेपी पावर हाउस क्षेत्र के समीप हेलीकॉप्टर के जलने और क्रैश होने की पुष्टि की।
एसडीआरएफ (SDRF), आईटीबीपी (ITBP) और स्थानीय पुलिस की टीमें त्वरित रूप से घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। दुर्गम और खाई वाले पहाड़ी क्षेत्र में दुर्घटना होने के कारण राहत बचाव दलों को मौके तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
Joshimath Helicopter Crash: हादसे में मारे गए यात्रियों और पायलट की पहचान
प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में सवार सभी 6 लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतकों में बद्रीनाथ धाम के दर्शन करके लौट रहे कर्नाटक के बेंगलुरु निवासी 5 श्रद्धालु और एक कुशल पायलट शामिल हैं।
मृतकों के नाम:
- कैप्टन हिमांशु सभरवाल (पायलट)
- अरुण सालुंके (यात्री – बेंगलुरु)
- एच. एस. नागराजा (यात्री – बेंगलुरु)
- प्रताप बच्चिहल्ली निंगराजन (यात्री – बेंगलुरु)
- शंकरगौड़ा वी.बी. (यात्री – बेंगलुरु)
- सुधीर के. (यात्री – बेंगलुरु)
सभी शवों को कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त मलबे से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।
Joshimath Helicopter Crash: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्त की संवेदनाएं
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपना शोक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि जोशीमठ के पास ‘चयी’ गांव के निकट हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना की खबर अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं और वे खुद पूरी स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रहे हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद नागरिक उड्डयन विभाग (UCADA) ने सुरक्षा कारणों और जांच लंबित रहने तक ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के पूरे हेलीकॉप्टर फ्लीट की उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
पहाड़ियों पर खराब मौसम और एविएशन सेफ्टी पर उठे सवाल
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में धाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टरों की सुरक्षा को लेकर हमेशा से चिंताएं बनी रहती हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ की घाटियों में अचानक मौसम का मिजाज बदलना, घना कोहरा और तेज हवाएं उड़ानों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
इस घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीमें हादसे के तकनीकी और मौसम संबंधी कारणों की गहराई से जांच में जुट गई हैं। तीर्थयात्रियों के परिवारों में इस खबर के बाद से शोक की लहर दौड़ गई है।

