नई दिल्ली/काबुल:
एशियाई उपमहाद्वीप में एक बार फिर कुदरत का बड़ा कहर देखने को मिला है। अफगानिस्तान में आए एक बेहद शक्तिशाली भूकंप ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई है, जो कि बेहद खतरनाक मानी जाती है। भूकंप के झटके इतने जोरदार थे कि इसका असर सिर्फ अफगानिस्तान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत सहित दुनिया के 8 देशों में धरती डोली है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में जमीन के काफी नीचे था, जिसके चलते झटके बहुत बड़े दायरे में महसूस किए गए। भूकंप आते ही प्रभावित इलाकों में हड़कंप मच गया और लोग जान बचाने के लिए घरों और दफ्तरों से बाहर की तरफ भागते नजर आए।
जमीन से 215 किलोमीटर नीचे था भूकंप का केंद्र
भूकंप वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तबाही का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में जमीन से लगभग 215 किलोमीटर की गहराई में था। अमूमन जब भूकंप का केंद्र जमीन में इतनी गहराई पर होता है, तो केंद्र के पास तबाही की आशंका थोड़ी कम हो जाती है, लेकिन इसका शॉकवेव (कंपन) बहुत दूर तक यात्रा करता है। यही वजह है कि अफगानिस्तान से हजारों किलोमीटर दूर स्थित देशों में भी इसके तेज झटके महसूस किए गए।
जानकारों का कहना है कि अगर 6.2 तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र जमीन के ऊपर (कम गहराई पर) होता, तो अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता था। हालांकि, अभी भी अफगानिस्तान के दूरदराज के इलाकों से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट आना बाकी है।
भारत समेत दुनिया के 8 देशों में मची खलबली
इस शक्तिशाली भूकंप ने एक साथ 8 देशों की धरती को हिला दिया। अफगानिस्तान के अलावा जिन देशों में इस भूकंप के झटके सबसे ज्यादा महसूस किए गए, उनमें शामिल हैं:
• भारत
• पाकिस्तान
• चीन
• ताजिकिस्तान
• उज्बेकिस्तान
• किर्गिस्तान
• तुर्कमेनिस्तान
इन सभी देशों के सीमावर्ती इलाकों और बड़े शहरों में भूकंप के कारण बहुमंजिला इमारतें हिलने लगीं, जिससे लोगों के बीच डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
भारत में जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली-NCR तक हिली धरती
भारतीय समयानुसार शाम को करीब 7 बजकर 4 मिनट पर अचानक उत्तर भारत के कई हिस्सों में धरती कांपने लगी। ऑफिसों में काम कर रहे लोगों की कुर्सियां और घरों में पंखे व झूमर हिलने लगे। भारत में विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर (NCR) के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।
दिल्ली और कश्मीर के कई इलाकों से ऐसी तस्वीरें सामने आईं जहां लोग अपने अपार्टमेंट और दफ्तरों को छोड़कर सड़कों पर आ गए। गनीमत यह रही कि भारत में अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है, लेकिन भूकंप के बाद से लोग काफी सहमे हुए हैं।
पाकिस्तान के कई शहरों में भी भारी दहशत
अफगानिस्तान का पड़ोसी देश होने के नाते पाकिस्तान में भी इस भूकंप का भयंकर असर देखा गया। राजधानी इस्लामाबाद, रावलपिंडी, लाहौर, पेशावर और खैबर पख्तूनख्वा के कई जिलों में झटके इतने तेज थे कि लोग कलमा पढ़ते हुए घरों से बाहर निकल आए। पाकिस्तान के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) की भी आशंका जताई जा रही है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
क्यों बार-बार आता है इस क्षेत्र में भूकंप?
भू-वैज्ञानिकों (Geologists) के मुताबिक, अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र और उत्तर भारत का हिस्सा टेक्टोनिक प्लेटों (Tectonic Plates) के जंक्शन पर स्थित है। यहाँ लगातार यूरेशियन और इंडियन टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती रहती हैं। जब इन प्लेटों के बीच दबाव बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो फॉल्ट लाइन टूटने से भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जो भूकंप का रूप ले लेती है। यही कारण है कि यह पूरा बेल्ट भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील (Seismic Zone 4 और 5) माना जाता है।
भूकंप आने पर क्या करें और क्या न करें?
भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा कभी भी चेतावनी देकर नहीं आती, इसलिए सतर्कता ही बचाव है। प्रशासन ने नागरिकों के लिए कुछ जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:
1. घबराएं नहीं: भूकंप आने पर सबसे पहले खुद को शांत रखें और पैनिक न हों।
2. खुले मैदान की तरफ भागें: यदि आप घर के अंदर हैं और बाहर निकलने का रास्ता साफ है, तो तुरंत किसी खुली जगह पर चले जाएं।
3. लिफ्ट का प्रयोग न करें: बहुमंजिला इमारतों से नीचे उतरने के लिए हमेशा सीढ़ियों का इस्तेमाल करें, लिफ्ट का बिल्कुल नहीं।
4. ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ अपनाएं: अगर बाहर निकलना मुमकिन न हो, तो किसी मजबूत टेबल या बेड के नीचे छिप जाएं और अपने सिर को हाथों से ढक लें।
5. बिजली और गैस बंद करें: भूकंप के झटके रुकते ही घर के मुख्य बिजली स्विच और गैस सिलेंडर को बंद कर दें ताकि आग लगने का खतरा न रहे।
फिलहाल, अफगानिस्तान और उसके आस-पास के प्रभावित देशों में आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले हल्के झटके) की आशंका को देखते हुए लोगों को अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।







