वडोदरा-जरोद रोड पर कोटंबी गांव के पास तड़के हुआ दर्दनाक एक्सीडेंट, चीख-पुकार के बीच NDRF और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन।
वडोदरा। गुजरात के वडोदरा से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाले सड़क हादसे की खबर सामने आई है। वडोदरा-जरोद हाईवे पर बुधवार सुबह-सुबह एक तेज रफ्तार लक्जरी स्लीपर बस और ट्रक के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। यह टक्कर इतनी भयानक थी कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में 6 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार लगभग 31 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई यात्रियों की हालत नाजुक बनी हुई है।
तड़के हुआ हादसा, नींद में थे यात्री
शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह भीषण दुर्घटना आज सुबह तड़के उस वक्त हुई जब हाईवे पर यातायात सामान्य था। वडोदरा-जरोद रोड पर कोटंबी गांव के पास से गुजर रही एक निजी लक्जरी स्लीपर बस अचानक अनियंत्रित हो गई। रफ्तार तेज होने के कारण चालक बस पर से नियंत्रण खो बैठा और बस आगे चल रहे एक बड़े ट्रक के पिछले हिस्से (Rear End) में बेहद तेजी से जा घुसी।
हादसे के समय बस में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। अचानक हुए इस जोरदार धमाके और टक्कर के बाद बस के भीतर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का केबिन और आगे की कई सीटें पूरी तरह पिचक गईं, जिससे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला
स्थानीय लोग और राहगीर बने मददगार
एक्सीडेंट की आवाज इतनी तेज थी कि कोटंबी गांव के स्थानीय लोग और हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहन चालक तुरंत मदद के लिए मौके पर दौड़े। स्थानीय निवासियों ने बिना वक्त गंवाए अपने स्तर पर बस की खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। हालांकि, बस का अगला हिस्सा ट्रक में इस कदर धंस चुका था कि कई यात्रियों को बाहर निकालना आम लोगों के बस में नहीं था। इसके बाद तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को घटना की सूचना दी गई।
NDRF और पुलिस ने युद्ध स्तर पर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की गंभीरता और बस के भीतर फंसे यात्रियों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम को मौके पर रवाना किया। घटना स्थल पर पहुंची जरोद पुलिस और NDRF के जवानों ने मोर्चा संभाला।
जवानों ने कटर और आधुनिक क्रेन मशीनों की मदद से क्षतिग्रस्त बस के हिस्सों को काटा और करीब दो घंटे से ज्यादा चले युद्ध स्तर के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अंदर फंसे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घायलों को सयाजी अस्पताल में कराया गया
इस दर्दनाक हादसे में घायल हुए सभी 31 यात्रियों को एम्बुलेंस के जरिए वडोदरा के प्रसिद्ध और सबसे बड़े सयाजी अस्पताल (SSG Hospital) ले जाया गया। अस्पताल प्रशासन को पहले ही अलर्ट कर दिया गया था, जिससे घायलों के पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, घायलों में से कुछ की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन्हें आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया है। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है।
हाईवे पर लगा लंबा जाम, क्रेन से हटाए गए वाहन
इस भीषण दुर्घटना के बाद वडोदरा-जरोद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सुबह का समय होने के कारण कामकाजी लोगों और भारी वाहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जरोद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत क्रेन बुलाई और दुर्घटनाग्रस्त लक्जरी बस और ट्रक को बीच सड़क से हटाकर किनारे किया। इसके बाद धीरे-धीरे हाईवे पर यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया जा सका।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
जरोद थाना पुलिस ने इस दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह हादसा आखिरकार किस वजह से हुआ। शुरुआती कयासों के मुताबिक, सुबह के समय ड्राइवर को झपकी आने या फिर ओवरटेकिंग के चक्कर में रफ्तार पर नियंत्रण खोने को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस ट्रक चालक और बस के बचे हुए स्टाफ से पूछताछ कर रही है ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
इस दुखद घटना के बाद से मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है, और पुलिस प्रशासन मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश में जुटा है।

