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​देहरादून।

देवभूमि उत्तराखंड में मानसूनी बादलों की सक्रियता के साथ ही बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के चार प्रमुख जिलों—देहरादून, टिहरी, नैनीताल और बागेश्वर के लिए भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

​इसके साथ ही, मौसम विभाग ने पर्वतीय अंचलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर होने की गंभीर चेतावनी दी है। लगातार हो रही बारिश के चलते राज्य के प्रमुख नदी-नाले उफान पर हैं और कई संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
​मैदानी और पहाड़ी इलाकों में झमाझम बारिश से बदला मौसम का मिजाज

​बीते कुछ दिनों से जारी रिमझिम और मूसलाधार बारिश ने जहाँ एक ओर लोगों को प्रचंड गर्मी और उमस से बड़ी राहत पहुंचाई है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर चिंताएं बढ़ा दी हैं। सोमवार और मंगलवार को राजधानी देहरादून और सरोवर नगरी नैनीताल में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।

पहाड़ी क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ती रहीं।
​बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम सुहाना हो गया है। हालांकि, निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी मार्गों पर मलबा आने से आम जनता और पर्यटकों को यातायात में दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है।

​आकाशीय बिजली और गर्जन की चेतावनी: हरिद्वार और उधमसिंह नगर भी अलर्ट पर

​मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है।

  • ​भारी बारिश के जिले: देहरादून, टिहरी, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की तीव्र संभावना है।
  • ​बिजली चमकने की चेतावनी: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और अन्य पहाड़ी जनपदों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है।
  • ​मैदानी जिले: हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी तेज गर्जन और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

​प्रमुख शहरों के तापमान का ताजा हाल

​बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण प्रदेश के प्रमुख शहरों के तापमान में गिरावट देखी गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रमुख शहरों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) इस प्रकार दर्ज किया गया: 

  1. ​देहरादून
  2. ​टिहरी गढ़वाल
  3. ​नैनीताल
  4. ​बागेश्वर

    भूस्खलन और जलभराव का खतरा, नदियां उफान पर

​उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में लगातार हो रही बारिश की वजह से कई मुख्य और ग्रामीण संपर्क मार्ग भूस्खलन की वजह से प्रभावित हो रहे हैं। अलकनंदा, मंदाकिनी, भागीरथी और सरयू जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं।

पहाड़ी ढलानों से अचानक बोल्डर और मलबा गिरने की घटनाओं में इजाफा हुआ है, जिससे चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है।

​प्रशासन की सख्त अपील: अनावश्यक यात्रा से बचें, सतर्क रहें

​मौसम की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील इलाकों और संभावित लैंडस्लाइड जोन पर आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात कर दिया गया है।
​मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने जनता एवं यात्रियों के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं:

  1. ​अनावश्यक यात्रा न करें: जब तक बहुत जरूरी न हो, खराब मौसम के दौरान पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने से बचें।

2.नदी-नालों से दूरी बनाएं: जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका के चलते नदी-नालों और गदेरों के पास बिल्कुल न जाएं।

3.भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी: लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों से गुजरते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।

4.मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें: यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग के अपडेट और मार्ग की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।

​मौसम विज्ञानियों का मानना है कि उत्तराखंड में मानसूनी गतिविधियों की यह तीव्रता अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बनी रह सकती है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है।

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